जन सुराज के नवादा जिला प्रभारी का इस्तीफा, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्याशी की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सभी पदों से दिया त्यागपत्र

जन सुराज के नवादा जिला प्रभारी अजय कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह कदम पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी की हार की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए उठाया है....

जन सुराज के नवादा जिला प्रभारी का इस्तीफा- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी के नवादा जिला प्रभारी अजय कुमार ने चुनाव में पार्टी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति की पराजय के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 29 अक्टूबर को जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार भारती को अपना औपचारिक त्यागपत्र सौंप दिया।


प्राथमिक सदस्य के रूप में पार्टी में बने रहेंगे, संगठन के पदों से अलग हुए

अजय कुमार ने अपने त्यागपत्र में स्पष्ट किया है कि वे संगठन के पदों से भले ही हट रहे हैं, लेकिन पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक कार्यकर्ता के रूप में जन सुराज पार्टी से उनका जुड़ाव आगे भी बना रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में उन्होंने लिखा कि चुनाव में जिला प्रभारी होने के नाते हार की जिम्मेदारी स्वीकार करना उनका नैतिक कर्तव्य है, इसलिए वे पद छोड़ रहे हैं।


नालंदा जोन के मीडिया प्रभारी और नवादा जिला प्रभारी की संभाल रहे थे कमान

अजय कुमार जन सुराज संगठन में दोहरी भूमिका निभा रहे थे। वे नालंदा जोन के जोनल मीडिया प्रभारी के साथ-साथ नवादा जिले के जिला प्रभारी की जिम्मेदारी भी देख रहे थे। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के दौरान जिले में चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक रणनीतियों को धरातल पर उतारने में उनकी अहम भूमिका मानी जा रही थी। चुनाव परिणाम अनुकूल न आने पर उनके इस कदम को संगठनात्मक जवाबदेही की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।


इस्तीफे पर पार्टी नेतृत्व के आधिकारिक फैसले का इंतजार

अजय कुमार के अचानक इस्तीफे के बाद नवादा और आसपास के इलाकों में जन सुराज कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व या प्रदेश अध्यक्ष की ओर से इस त्यागपत्र को स्वीकार करने या अस्वीकार करने को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस पर क्या रुख अपनाता है और नवादा में संगठन की कमान किसे सौंपी जाती है।


अमन की रिपोर्ट