किसान आंदोलन के दौरान सांसद सुधाकर सिंह को थाने में बैठाए जाने पर गरमाई सियासत, थाने के अंदर से लाइव वीडियो जारी करने पर उठे सवाल

सांसद सुधाकर सिंह को थाने में बैठाए जाने पर गरमाई सियासत- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले में जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों का आंदोलन अब तूल पकड़ता जा रहा है। नारदीगंज प्रखंड के मधुबन-मोतनाजे गांव में जलाशय परियोजना (डैम निर्माण) के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसान मुखर हैं। इसी आंदोलन के समर्थन में सांसद सुधाकर सिंह अपने समर्थकों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर डीएम कार्यालय का घेराव करने वाले थे। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि आंदोलन को लेकर अनुमंडल कार्यालय में आवेदन जरूर दिया गया था, लेकिन इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। बिना अनुमति के प्रदर्शनकारियों के सड़क पर उतरने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया और अकबरपुर थाने ले आई। 


अकबरपुर थाने के अंदर से सांसद ने जारी किया लाइव वीडियो

इसी गहमागहमी के बीच सांसद सुधाकर सिंह को भी अकबरपुर थाने में करीब तीन घंटे तक बैठाए जाने का मामला सामने आया है। थाने के अंदर से ही सांसद ने लाइव वीडियो जारी कर पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 


सांसद ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी वारंट और कानूनी आधार के हिरासत में रखा गया है। साथ ही, उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। वीडियो बनाने के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर सांसद ने सवाल उठाया कि क्या देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है और क्या एक जनप्रतिनिधि या नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है? 


कानून की दोहरी सुई और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के लिए कानून के अलग-अलग पैमाने हैं। आमतौर पर पुलिस थानों या परिसरों के भीतर वीडियो बनाने और मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी होती है, ऐसे में थाने के अंदर से सांसद द्वारा लाइव वीडियो बनाने को लेकर भी कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। 


इस संबंध में पूछे जाने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। वहीं, एसडीएम अमित अनुराग ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम की अनुमति नहीं थी और वीडियो-फोटो के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा जिलाधिकारी के निर्देशानुसार आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। 


अमन की रिपोर्ट