Bihar News : हाजीपुर में 8.60 करोड़ की लागत से लगेगी रीसाइक्लिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार

Bihar News : हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में रीसाइक्लिंग इनोवेशन की तर्ज पर एम/एस ऋतुपर्ण पॉली प्लास्ट द्वारा एक नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाई जा रही है जो रीसाइकल्ड ब्लो मोल्डिंग और फिल्म पर आधारित है.....पढ़िए आगे

औद्योगिक क्रांति को बढ़ावा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार में रोजगार के नए अवसर सृजित करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में सर्कुलर इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करने के लिए हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में 'रीसाइक्लिंग इनोवेशन' की तर्ज पर M/S ऋतुपर्ण पॉली प्लास्ट द्वारा एक आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। यह नई इकाई रीसाइकल्ड ब्लो मोल्डिंग और फिल्म आधारित तकनीकों पर कार्य करेगी।

उद्योग विभाग के अनुसार, यह परियोजना सर्कुलर मैन्युफैक्चरिंग को सीधा सहयोग प्रदान करेगी और 'वेस्ट-टू-वैल्यू' (कचरे से मूल्यवान उत्पाद बनाने वाले) समाधानों को प्रोत्साहित करेगी। इससे बिहारवासियों को उच्च गुणवत्ता वाले स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग उत्पाद मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए और प्रत्यक्ष अवसर भी प्राप्त होंगे। यह पहल राज्य में तेजी से विकसित हो रहे इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम को गति देने के साथ-साथ 'बिल्ड इन बिहार' विजन को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

इस महत्वाकांक्षी औद्योगिक परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) द्वारा हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र में 17,943.5 स्क्वायर फीट भूमि के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूरी परियोजना के लिए कुल ₹8.60 करोड़ की पूंजीगत लागत निर्धारित की गई है। इस यूनिट के शुरू होने से बिहार में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

बिहार सरकार की इस पहल से न केवल हाजीपुर बल्कि पूरे वैशाली जिले और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। राज्य सरकार लगातार नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतियों में ढील दे रही है और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए भूमि आवंटन से लेकर स्थापना तक की प्रक्रियाओं को सुगम बना रही है, जिससे बिहार को एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा सके।