बांकीपुर का चुनावी रण तैयार! आज मिलेगा चुनाव चिह्न, 25 प्रत्याशी वोट की जंग में झोंकेंगे पूरी ताकत

Bankipur Assembly Bypoll: बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव अब निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज यानी शुक्रवार को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। ...

बांकीपुर का चुनावी रण तैयार- फोटो : social Media

Bankipur Assembly Bypoll: बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव अब निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज यानी शुक्रवार को सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही सियासी जंग-ए-मैदान पूरी तरह तेज हो जाएगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), जन सुराज समेत 17 राजनीतिक दलों के उम्मीदवार और आठ निर्दलीय प्रत्याशी अपने-अपने चुनाव निशान के साथ जनता के बीच उतरेंगे और वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए पूरा जोर लगाएंगे।

गुरुवार शाम नाम वापसी की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद निर्वाची पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार कर चुनाव आयोग को भेज दी। अब शुक्रवार दोपहर बाद चुनाव आयोग की मंजूरी मिलने के बाद सभी उम्मीदवारों को आधिकारिक तौर पर चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही उपचुनाव का प्रचार अभियान पूरी रफ्तार पकड़ लेगा।

भारत निर्वाचन आयोग के चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के तहत रिटर्निंग अफसर प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिह्न आवंटित करते हैं। इसके बाद अंतिम उम्मीदवार सूची जारी होगी और उसी के आधार पर ईवीएम (बैलेट यूनिट) तैयार की जाएगी।

चुनाव चिह्न मिलते ही सियासी दलों का प्रचार अभियान और गरमा जाएगा। उम्मीदवार घर-घर जनसंपर्क, नुक्कड़ सभाएं, रोड शो और मोहल्ला बैठकों के जरिए मतदाताओं तक पहुंचेंगे। पोस्टर, बैनर, पंपलेट और सोशल मीडिया के माध्यम से भी चुनावी मुहिम को धार दी जाएगी।

बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प और कांटे का माना जा रहा है। प्रमुख दलों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश में जुटे हैं। अब चुनाव चिह्न मिलने के बाद सभी प्रत्याशी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे और मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। आने वाले दिनों में बांकीपुर की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप, जनसभाओं और चुनावी वादों का शोर और तेज होने की उम्मीद है।