Patna Zoo: पटना जू पर लगा ताला! चिड़ियाघर जाने से पहले पढ़ लें यह खबर, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
Patna Zoo: राजधानी के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल संजय गांधी जैविक उद्यान (Patna Zoo) को आम जनता और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। बिहार पशु विश्वविद्यालय के पॉल्ट्री अनुसंधान केंद्र में एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) यानी बर्ड फ्
Patna Zoo: बिहार की राजधानी पटना में एवियन इंफ्लूएंजा (H5N1) की पुष्टि के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त सूचना के अनुसार, NIHSAD भोपाल द्वारा जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है। वहीं इसको लेकर पटना के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल संजय गांधी जैविक उद्यान (Patna Zoo) को बंद कर दिया गया है। चिड़ियाघर को आम जनता और पर्यटकों के लिए तत्काल प्रभाव से पूर्णतः बंद कर दिया गया है। यह फैसला इलाके में एवियन इन्फ्लुएंजा (H5N1) यानी 'बर्ड फ्लू' की पुष्टि होने के बाद एहतियातन लिया गया है।
कब तक बंद रहेग पटना जू
दरअसल, बिहार पशु विश्वविद्यालय, पटना के अंतर्गत आने वाले पॉल्ट्री अनुसंधान केंद्र के नमूनों में बर्ड फ्लू (H5N1) के वायरस पाए गए हैं। संजय गांधी जैविक उद्यान का कुछ हिस्सा इस संक्रमण के 'एपिसेंटर' से मात्र 1 किलोमीटर के दायरे में आता है। इस कारण यह फैसला लिया गया है। जानकारी अनुसार चिड़ियाघर को 07 मार्च 2026 तक सभी पर्यटकों और पासधारकों के लिए पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
कहां-कहां मिले संदिग्ध मामले?
पटना के पी.सी. कॉलोनी, जे-सेक्टर (पश्चिम) पार्क, कंकड़बाग, पटना हाईकोर्ट परिसर, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत पॉल्ट्री अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, कौशल नगर, चितकोहरा में संदिग्ध मामले मिले हैं। इन स्थानों पर कौओं और कुक्कुटों की अस्वाभाविक मृत्यु के बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए थे।
प्रभावित क्षेत्र घोषित, व्यापक कार्रवाई
भारत सरकार के एक्शन प्लान के तहत एपिसेंटर से एक किलोमीटर की परिधि को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गया। रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) का गठन कर 4,575 कुक्कुटों का शमन (कुलिंग), 9,662 अंडों का नष्टिकरण और 530 किलोग्राम मुर्गी दाना नष्ट किया गया है। सभी कार्य SOP के तहत किए गए। प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक डिसइन्फेक्शन (जैव सुरक्षा) अभियान चलाया गया है।
प्रशासन की अपील
चिड़ियाघर के निदेशक द्वारा जारी सूचना के अनुसार, अगले आदेश (यानी 7 मार्च) तक किसी भी पर्यटक या मॉर्निंग वॉकर को उद्यान के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि आपने अगले कुछ दिनों के लिए यहाँ घूमने का प्लान बनाया था, तो उसे फिलहाल टाल देना ही बेहतर है। वहीं जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें, मृत पक्षियों की सूचना तुरंत पशुपालन विभाग को दें और जैव सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पटना से अनिल की रिपोर्ट