Bihar Tender Scam: IAS अफसर मुमुक्षु चौधरी निलंबित, टेंडर घोटाले का बड़ा शिकंजा, रिश्वतखोरी और अकूत दौलत के आरोपों पर सरकार का एक्शन
Bihar Tender Scam: सामान्य प्रशासन विभाग ने न्यायिक हिरासत में बंद मुमुक्षु चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
Bihar Tender Scam: टेंडर घोटाले में गिरफ्तार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और भवन निर्माण विभाग के पूर्व संयुक्त सचिव मुमुक्षु कुमार चौधरी पर आखिरकार सरकार का शिकंजा और कस गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने न्यायिक हिरासत में बंद मुमुक्षु चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत की गई है और उनके खिलाफ अगला आदेश जारी होने तक निलंबन प्रभावी रहेगा।
मुमुक्षु चौधरी पहले से ही रिश्वतखोरी, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, पद के दुरुपयोग और कथित टेंडर घोटाले में आरोपी हैं। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने पिछले वर्ष 25 नवंबर को विशेष निगरानी थाना में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। लंबी तफ्तीश के बाद 11 जून को उन्हें अन्य दो आरोपियों के साथ विशेष निगरानी अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, मुमुक्षु चौधरी पर टेंडर सिंडिकेट के कथित सरगना से सांठगांठ कर सरकारी ठेकों में खेल करने का गंभीर इल्ज़ाम है। एसवीयू की जांच में सामने आया कि सीतामढ़ी में डीआरडीए निदेशक रहते हुए उन्हें नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिलाने में टेंडर घोटाले के कथित किंगपिन ने अहम भूमिका निभाई थी। आरोप यह भी है कि सहरसा नगर आयुक्त के तौर पर तैनाती के दौरान उन्होंने विवादित ठेकों में उसी नेटवर्क के पक्ष में फैसले किए।
निगरानी एजेंसी अब मनी ट्रेल, कथित बेनामी संपत्तियों, रिश्वत के लेन-देन और टेंडर प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की परत-दर-परत पड़ताल कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और खुलासों की संभावना जताई जा रही है। सरकारी कार्रवाई और एसवीयू की जांच ने साफ संकेत दिया है कि टेंडर घोटाले में शामिल आरोपियों पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज