पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई : NEET और बैंक परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले सॉल्वर गैंग के 5 शातिर को दबोचा

पटना के दानापुर में पुलिस ने NEET और बैंक परीक्षाओं में मूल अभ्यर्थियों की जगह फर्जी सॉल्वर बैठाने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के 5 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों की वसूल

Patna : पटना के दानापुर में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए NEET (मेडिकल) और बैंक भर्ती परीक्षाओं में मूल उम्मीदवारों की जगह फर्जी परीक्षार्थी (सॉल्वर) बैठाने वाले एक अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस संगठित गिरोह के 5 सक्रिय और शातिर सदस्यों को धर दबोचा है। इस कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं और सॉल्वर गैंग से जुड़े सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।


भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद: ब्लैंक चेक, एडमिट कार्ड और फर्जी सर्टिफिकेट जब्त

गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही और तलाशी के दौरान पुलिस ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की हैं। जब्त किए गए सामानों की सूची निम्नलिखित है:

  • वित्तीय दस्तावेज: 23 ब्लैंक चेक और विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड।
  • शैक्षणिक दस्तावेज: विभिन्न परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, मार्कशीट और कई नामचीन स्कूलों व कॉलेजों के फर्जी प्रमाण पत्र।
  • पहचान पत्र व अन्य: स्टांप, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड।


गारंटी के नाम पर रख लेते थे असली दस्तावेज: ऐसे जाल में फंसाता था यह गैंग

पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में इस गिरोह के काम करने के तौर-तरीकों (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है। यह गिरोह सीधे सरकारी नौकरी और मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी करने वाले भोले-भाले छात्रों और उनके अभिभावकों को अपना निशाना बनाता था। उन्हें शत-प्रतिशत परीक्षा पास कराने का झांसा देकर प्रति उम्मीदवार लाखों रुपये की डील तय की जाती थी। रकम की अदायगी और सुरक्षा की गारंटी के तौर पर यह गैंग छात्रों के असली शैक्षणिक दस्तावेज (ओरिजिनल मार्कशीट/सर्टिफिकेट) और हस्ताक्षर किए हुए ब्लैंक चेक अपने पास बंधक के रूप में रख लेता था।


मुख्य सरगना की तलाश: हर कड़ी को खंगालने में जुटी पुलिस

दानापुर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए सभी 5 आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए इनके मोबाइल कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के आधार पर इस गिरोह के मुख्य सरगना, तकनीकी जानकारों और इस रैकेट को पीछे से शह देने वाले अन्य मददगारों व सफेदपोशों के नामों का जल्द ही खुलासा कर उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


सुमित की रिपोर्ट