Bihar News : कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का बड़ा निर्देश, प्राकृतिक खेती को बनाया जाएगा जन-आंदोलन, बीएयू सबौर की बैठक में लिया गया फैसला
Bihar News : कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने BAU सबौर की एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता की। जहाँ उन्होंने राज्य में प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विशेष बल दिया.....पढ़िए आगे
PATNA : प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए किसान प्रशिक्षण और प्राकृतिक खेती के कार्यक्रमों से कृषि महाविद्यालयों के छात्रों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को आवश्यक निर्देश दिया है। वे कृषि भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रसार, प्रशासनिक एवं वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा कृषि शिक्षा को रोजगारोन्मुख, अनुसंधान आधारित एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्वीकृत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के रिक्त पदों की सूची तैयार कर रिक्तियों को बिहार लोक सेवा आयोग एवं बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से नियमानुसार जल्द भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कृषि महाविद्यालयों में नामांकन की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि राज्य के सभी कृषि महाविद्यालयों में उपलब्ध सीटों पर वेटिंग लिस्ट बनाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, कृषि शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार, स्टार्टअप, उद्यमिता एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी युवाओं तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं कृषि शिक्षा से जुड़ें। मंत्री ने राज्य में प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर बल देते हुए कहा कि कृषि छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि कृषि महाविद्यालयों के छात्र प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार एवं किसानों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़े जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में स्थापित मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाओं से कृषि छात्रों को जोड़ा जाए, ताकि उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त हो सके। मंत्री ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित स्टार्टअप को अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराने तथा उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि स्नातकों को स्वरोजगार एवं नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि शारदीय (खरीफ), वासंतिक (रबी) एवं ग्रीष्मकालीन फसलों के मौसम से पूर्व अनुसंधान की प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए कृषि विभाग एवं विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों तथा अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि नई फसल किस्मों के विकास में किसानों की आवश्यकताओं, आय वृद्धि, जलवायु अनुकूलता एवं अधिक उत्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मंत्री ने विश्वविद्यालय की फूड टेस्टिंग प्रयोगशाला को अत्याधुनिक, पारदर्शी एवं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने का निर्देश दिया। बैठक में राज्य के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा इसकी जांच रिपोर्ट शीघ्र विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया। मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक एवं कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।