LPG cylinder: आज से बिना OTP नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर, सरकार का सख़्त फ़रमान लागू, ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर लगेगा लगाम

LPG cylinder: घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ओटीपी को अनिवार्य कर दिया है।...

आज से बिना OTP नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर- फोटो : Gork

LPG cylinder: सियासत की गलियों से लेकर आम आवाम की रसोई तक आज एक अहमक्रांतिकारी फ़ैसले की गूंज सुनाई दे रही है। तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए ओटीपी को अनिवार्य कर दिया है। मार्च से यह क़ायदा और भी सख़्त कर दिया जाएगा। अब बिना ओटीपी के किसी भी सूरत में गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं होगी।

सरकारी हलकों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता  को मज़बूत करने और सिस्टम में मौजूद गड़बड़ियों पर लगाम कसने के लिए उठाया गया है। लंबे अरसे से शिकायतें मिल रही थीं कि कई जगहों पर डिलीवरी काग़ज़ों में पूरी दिखा दी जाती थी, लेकिन असल उपभोक्ता के घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचता था। इस नई व्यवस्था से फर्जी डिलीवरी, कालाबाज़ारी और बिचौलियों की मनमानी पर सख़्त प्रहार करने की तैयारी है।

नई प्रक्रिया के मुताबिक, जैसे ही उपभोक्ता सिलेंडर बुक करेगा, उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। डिलीवरी कर्मी जब सिलेंडर लेकर पहुंचेगा, तो उपभोक्ता को वही ओटीपी बताना होगा। ओटीपी का मिलान होते ही डिलीवरी सिस्टम में एंट्री कन्फर्म होगी और तभी सिलेंडर सौंपा जाएगा। अगर ओटीपी नहीं बताया गया, तो डिलीवरी निरस्त मानी जाएगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फ़ैसला महज़ तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि सुशासन की छवि को मज़बूत करने की कवायद भी है। विपक्ष जहां इसे जनता पर अतिरिक्त बोझ बता सकता है, वहीं सत्ता पक्ष इसे भ्रष्टाचार पर सर्जिकल स्ट्राइक करार दे रहा है।

हालांकि कुछ उपभोक्ताओं ने यह चिंता भी जताई है कि जिनके पास पंजीकृत मोबाइल नंबर नहीं है या नेटवर्क की दिक्कत रहती है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में कंपनियों से वैकल्पिक इंतज़ाम की मांग उठने लगी है।कुल मिलाकर, रसोई गैस की राजनीति अब डिजिटल निगरानी के दायरे में आ गई है। साफ है अब सिलेंडर वही पाएगा, जो ओटीपी बताएगा।