पप्पू यादव का तेजस्वी और चिराग पर बड़ा हमला : कहा-बाढ़ प्रभावित गरीब जनता दाने-दाने को मोहताज, धरातल पर राहत पहुंचाने के बजाय दोनो कर रहे दिखावा और राजनीति

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव और चिराग पासवान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि बाढ़ पीड़ित गरीब जनता की धरातल पर मदद करने की जगह दोनो नेता केवल दिखावे और राजनीति में लगे है....

पप्पू यादव का तेजस्वी और चिराग पर बड़ा हमला- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव और चिराग पासवान पर तीखा हमला बोला है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में बाढ़ और आपदा प्रभावित इलाकों में गरीब जनता भोजन के लिए तरस रही है और दाने-दाने को मोहताज है, जबकि ये नेता धरातल पर राहत पहुंचाने के बजाय केवल दिखावे और राजनीति में लगे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है और नेता जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनने के बजाय केवल आश्वासन दे रहे हैं।


राघोपुर में 30 मिनट का दौरा: मूर्ति की राजनीति पर कसा तंज 

तेजस्वी यादव के क्षेत्र दौरे पर तंज कसते हुए पप्पू यादव ने कहा कि आपदा के छह दिनों बाद वे महज आधे घंटे के लिए अपने क्षेत्र पहुंचे। वहां के पीड़ित यादव, दलित, निषाद, गंगोता और पासवान समाज के लोगों को खाना और मदद देने के बजाय वे शरद यादव, रामविलास पासवान और रघुवंश बाबू की मूर्तियां लगाने का राग अलाप रहे हैं। पप्पू यादव ने कटाक्ष किया कि अगर मूर्तियां ही लगानी हैं तो वह पप्पू यादव खुद लगा देगा, लेकिन फिलहाल बाढ़ पीड़ितों को पेट भरने के लिए अनाज और सिर छिपाने के लिए छत की जरूरत है।


प्रशांत किशोर पर हमला: 'माफिया का सरदार' और 'नयी दुल्हन' करार दिया 

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) पर सीधा हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने उन्हें 'माफिया का सरदार' और राजनीति में 'नयी दुल्हन' कहकर संबोधित किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि बिहार में नए-नए धनबलियों और माफियाओं को ढूंढा जा रहा है ताकि चुनाव में पैसे का खेल खेला जा सके। पप्पू यादव ने कहा कि शिक्षकों और मुखियाओं को प्रभाव में लेने के लिए संसाधनों का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन राघोपुर और बिहार की गरीब जनता की फिक्र किसी को नहीं है।


1990 से अबतक के जल संसाधन मंत्रियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका 

सांसद पप्पू यादव ने बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ और जलजमाव की तबाही को लेकर एक बड़ी कानूनी लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की कि वर्ष 1990 से लेकर अब तक बिहार में जितने भी जल संसाधन मंत्री रहे हैं, उन सभी के कार्यकाल और भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर वे उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) का दरवाजा खटखटा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकारी खजाने का पैसा खर्च होने के बाद भी बिहार की जनता हर साल डूबने को मजबूर क्यों है, इसका हिसाब होना चाहिए।


जनता के मुद्दों को दरकिनार कर केवल सत्ता हथियाने की होड़ 

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार की सत्ता और विपक्ष दोनों ही दल जनता के बुनियादी सवालों और आपदा से जुड़ी परेशानियों से मुंह मोड़ चुके हैं। राघोपुर की जनता की अनदेखी इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नेताओं की वादाखिलाफी, प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। जनता के हक, राहत सामग्री के वितरण और जल संसाधन विभाग के घोटाले की जांच के लिए उनका यह संघर्ष सड़क से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक जारी रहेगा।


नरोत्तम की रिपोर्ट