Patna Development: पटना के लोगों को 115 करोड़ की सौगात, जेपी गंगा पथ से पीएमसीएच तक पहुंच हुई आसान , नवीन सिन्हा पथ का CM ने किया उद्घाटन
Patna Development: पटना में विकास और राजनीति का संगम एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, जहां 115 करोड़ रुपये की लागत से बने मंदिरी नाला पर तैयार नई सड़क का भव्य उद्घाटन किया गया। ..
Patna Development: पटना में विकास और राजनीति का संगम एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, जहां 115 करोड़ रुपये की लागत से बने मंदिरी नाला पर तैयार नई सड़क का भव्य उद्घाटन किया गया। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवीन सिन्हा पथ के रूप में किया, जिसे राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक अहम बदलाव माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में राजनीतिक दिग्गजों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यत्क्ष नितिन नवीन, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव , नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, मंत्री रामकृपाल यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे। माहौल पूरी तरह विकास और उपलब्धियों के प्रदर्शन से भरा हुआ था।
सरकार का दावा है कि इस परियोजना से राजधानी पटना और उत्तर बिहार के बीच आवागमन पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। यह सड़क नेहरू पथ से लेकर जेपी गंगा पथ, अशोक राजपथ, डबल डेकर रोड और पीएमसीएच जैसे महत्वपूर्ण मार्गों को जोड़ने का काम करेगी। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि बेली रोड पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
नितिन नवीन ने कहा कि यह सड़क राजधानीवासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। पहले मंदिरी नाला खुला होने के कारण आसपास के इलाकों में गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब नाले को कवर कर ऊपर आधुनिक सड़क बनाई गई है, जिससे स्वच्छता और यातायात दोनों में सुधार होगा।
यह परियोजना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत नाले का जीर्णोद्धार, जल निकासी व्यवस्था का सुधार और आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया गया है। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइट्स और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया गया है।
इस नए कॉरिडोर से वार्ड संख्या 25, 26 और 27 समेत उत्तर बिहार की लाखों आबादी को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि यह संपर्क मार्ग राजधानी की शहरी संरचना को नई दिशा देगा और यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाएगा।
हालांकि राजनीतिक हलकों में इसे केवल विकास परियोजना नहीं बल्कि आने वाले चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जहां सत्ता पक्ष इसे “विकास का मॉडल” बता रहा है, वहीं विपक्ष इसकी लागत और प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहा है। फिलहाल मंदिरी नाले पर बनी यह सड़क पटना की नई पहचान बनती दिख रही है, जहां विकास, राजनीति और शहरी जरूरतें एक ही मंच पर आकर खड़ी हो गई हैं।
रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह