Bihar Polytechnic News:परीक्षा फॉर्म विवाद से बवाल! बाढ़ पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों का हंगामा, स्टूडेंट के आत्महत्या की कोशिश से सनसनी
Bihar Polytechnic News: पटना के बाढ़ स्थित राणाबीघा गांव के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में परीक्षा फॉर्म जमा नहीं होने को लेकर बवाल गहराता जा रहा है।
Bihar Polytechnic News: पटना के बाढ़ स्थित राणाबीघा गांव के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में परीक्षा फॉर्म जमा नहीं होने को लेकर बवाल गहराता जा रहा है। 11 मई से परीक्षा शुरू होनी है, लेकिन अंतिम वर्ष के 70 से 80 छात्रों का फॉर्म अब तक जमा नहीं हो सका है। गुस्साए छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और कॉलेज प्रशासन पर भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगा रहे हैं।
शुक्रवार रात करीब 9 बजे बाढ़ पुलिस की टीम कॉलेज परिसर पहुंची और छात्रों को एफआईआर की चेतावनी देकर कैंपस खाली कराया। इसके बाद नाराज छात्र और उनके परिजन देर रात एसडीओ गरिमा लोहिया से मिलने पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इस घटना के बाद छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया।
छात्रों ने कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. के.एल. पुष्कर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कॉलेज में जातिवाद और क्षेत्रवाद किया जा रहा है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें “बिहारी” कहकर अपमानित किया जाता है और जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
छात्रों के मुताबिक बीती रात परीक्षा पोर्टल कुछ देर के लिए खुला था, लेकिन सिर्फ चुनिंदा छात्रों के फॉर्म ही भरे गए। बाकी 70 से 80 छात्रों का भविष्य अब भी अधर में लटका हुआ है। परीक्षा सिर पर है और छात्र असमंजस में हैं कि आखिर वे एग्जाम कैसे देंगे।
इसी विवाद के बीच कॉलेज से एक बेहद चौंकाने वाली खबर भी सामने आई। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा से वंचित किए जाने के बाद एक छात्र ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि हॉस्टल में मौजूद छात्रों ने समय रहते उसे बचा लिया। बताया जा रहा है कि यह सुसाइड नोट छात्र नीतीश कुमार का है।
सुसाइड नोट में छात्र ने लिखा कि उसका कोई कैरी पेपर नहीं है और वह नियमित रूप से क्लास करता है। उसने दावा किया कि 84 प्रतिशत उपस्थिति होने के बावजूद उसे डिबार कर दिया गया। नोट में उसने कॉलेज के एक शिक्षक रोहन सर की तारीफ की, जबकि अन्य शिक्षकों पर पढ़ाई नहीं कराने का आरोप लगाया। छात्र ने यह भी लिखा कि कॉलेज में लैब तक की सुविधा नहीं है।छात्र ने इस पूरे मामले के लिए प्रिंसिपल और एक शिक्षक को जिम्मेदार ठहराया है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है और छात्र न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।