Bihar News : भीड़ प्रबंधन पर पटना हाईकोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका, धार्मिक स्थलों और आयोजनों के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग, नालंदा और जहानाबाद की घटनाओं का दिया गया हवाला

Bihar News : पटना हाईकोर्ट में भीड़ प्रबन्धन को लेकर जनहित याचिका दायर की गयी है. जिसमें धार्मिक स्थलों और आयोजनों के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग की गयी है.......पढ़िए आगे

भीड़ प्रबंधन को लेकर PIL - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार के धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक आयोजनों में बार-बार होने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिकाकर्ता राजीव रंजन सिंह ने अपनी अर्जी के माध्यम से अदालत से मांग की है कि राज्य में भीड़ को नियंत्रित करने हेतु कानूनी रूप से बाध्यकारी और स्पष्ट गाइडलाइन बनाने का आदेश दिया जाए। याचिका में कहा गया है कि प्रभावी प्रबंधन की कमी के कारण राज्य में निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

हालिया हादसों ने बढ़ाई चिंता

याचिकाकर्ता ने अपनी दलील को पुख्ता करने के लिए हाल की दुखद घटनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया है। इसमें 31 अगस्त, 2026 को नालंदा के शीतला माता मंदिर और जहानाबाद के सिद्धनाथ मंदिर में हुई भगदड़ की घटनाओं को आधार बनाया गया है। याचिका के अनुसार, इन पवित्र स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हुए, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी अव्यवस्था फैली और जान-माल का नुकसान हुआ।

गांधी मैदान की घटना का भी जिक्र

याचिका में केवल हालिया ही नहीं, बल्कि पिछले एक दशक के कड़वे अनुभवों को भी साझा किया गया है। इसमें अक्टूबर 2014 में पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रावण वध के दौरान हुई उस भीषण भगदड़ की याद दिलाई गई है, जिसमें 33 लोगों की मौत हो गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि 2014 से 2026 के बीच ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जो यह साबित करती हैं कि प्रशासन ने पुराने हादसों से कोई सबक नहीं सीखा है।

शीर्ष अधिकारियों को बनाया गया प्रतिवादी

इस गंभीर मामले में जवाबदेही तय करने के लिए याचिका में राज्य के शीर्ष नीति-निर्धारकों को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने बिहार के मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रधान सचिव और राज्य के डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) को प्रतिवादी बनाया है। याचिका में मांग की गई है कि इन अधिकारियों को ऐसे कड़े निर्देश दिए जाएं जिससे भविष्य में किसी भी बड़े धार्मिक या सार्वजनिक आयोजन से पहले सुरक्षा ऑडिट और क्राउड मैनेजमेंट प्लान अनिवार्य हो।

स्थायी गाइडलाइन की मांग

याचिका का मुख्य उद्देश्य बिहार में 'भीड़ प्रबंधन' (Crowd Management) के लिए एक स्थायी कानूनी ढांचा तैयार करना है। याचिकाकर्ता के अनुसार, जब तक राज्य के पास अपनी कोई ठोस नियमावली नहीं होगी, तब तक मेलों और पर्व-त्योहारों में अव्यवस्था का खतरा बना रहेगा। अब सभी की निगाहें पटना हाईकोर्ट पर टिकी हैं कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर राज्य सरकार को क्या निर्देश जारी करती है।