जसीडीह–झाझा रेलखंड हादसे के बाद रेल मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई, बड़े अधिकारी को पद से हटाया, इन पर गिरी गाज
28 दिसम्बर को बिहार के जमुई जिले में टेलवा बाजार हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास सीमेंट से भरी एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. इस मामले में रेल मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई की है.
Train Accident : पटना-हावड़ा मेन लाइन के जसीडीह–झाझा रेलखंड के बीच पिछले दिनों हुए भीषण रेल हादसे के बाद रेल मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई की है. हादसे के बाद बड़ा फैसला लेते हुए आसनसोल रेल मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव को उनके पद से हटा दिया गया है. उन्हें 5 महीने पहले ही अगस्त 2025 में आसनसोल DRM का पदभार दिया गया था. माना जा रहा है कि जसीडीह–झाझा रेलखंड पर हुए भीषण रेल हादसे के बाद रेल मंत्रालय की यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई है.
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र के अनुसार अब सुधीर कुमार शर्मा आसनसोल रेल मंडल के नए डीआरएम होंगे. गौरतलब है कि 28 दिसम्बर को बिहार के जमुई जिले में टेलवा बाजार हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास सीमेंट से भरी एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. जसीडीह–झाझा रेलखंड पर सिमुलतला और लाहाबन स्टेशन के बीच रात 11:20 में एक मालगाड़ी बड़ूआ नदी के रेल पुल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें मालगाड़ी की 17 बोगियां पटरी से उतर गई थीं. इनमें से 6 बोगियां टेलवा बाजार हाल्ट के पास बरुआ नदी में जा गिरी थीं.
रेल संपत्ति को भारी नुकसान
हादसे में रेलवे की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा. वहीं पटना-हावड़ा मेन लाइन पर अप और डाउन दोनों लाइनों पर लगभग 75 घंटे तक रेल परिचालन पूरी तरह बाधित रहा. इस कारण रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ. बड़े स्तर पर यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी. अब रेल मंत्रालय ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए रेल मंत्रालय ने यह कड़ा कदम उठाया है.
रेल यातायात पर काफी असर
बता दें कि कियुल-जसीडीह रेल खंड बिहार और झारखंड को एक दूसरे से जोड़ना वाला रेल खंड है. यह मुख्य रूप से हावड़ा-दिल्ली मुख्य लाइन का हिस्सा है. यहां से हर रोज बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं. यही कारण है कि इस मार्ग के बाधित होने का रेल यातायात पर काफी असर पड़ा.