Senior Citizen : सीनियर सिटीजन को 2026 में मिलेगी बड़ी राहत, बड़ी परेशानी होगी दूर, जानिए पूरी खबर
Senior Citizen : कोरोना काल के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट और बढ़ती परिचालन लागत के कारण रेलवे को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा था। इसी वजह से कई रियायतों को अस्थायी रूप से बंद किया गया था
Senior Citizen : साल 2026 भारतीय रेलवे से सफर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। लंबे इंतजार के बाद रेलवे ने बुजुर्ग यात्रियों के लिए दो अहम सुविधाओं को फिर से बहाल कर दिया है। कोरोना महामारी के दौरान बंद की गई टिकट किराया छूट और लोअर बर्थ प्राथमिकता की सुविधा अब दोबारा लागू कर दी गई है। इस फैसले से देशभर के लाखों वरिष्ठ नागरिक यात्रियों को आर्थिक और शारीरिक दोनों स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।
बुजुर्गों को मिलेंगे 2 बड़ी राहत
कोरोना काल के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट और बढ़ती परिचालन लागत के कारण रेलवे को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा था। इसी वजह से कई रियायतों को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, जिनमें वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली किराया छूट भी शामिल थी। अब हालात सामान्य होने और यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी के बाद रेलवे ने बुजुर्ग यात्रियों के हित में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
टिकट पर मिलेगी छूट
भारतीय रेलवे ने 2026 से उम्र के आधार पर वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली टिकट छूट को फिर से लागू कर दिया है। इसके तहत पुरुष यात्रियों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 60 वर्ष, जबकि महिला और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए 58 वर्ष निर्धारित की गई है। तय आयु पूरी करने वाले यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान चयनित श्रेणियों में किराए पर छूट का लाभ मिलेगा। यह सुविधा फिलहाल सीमित ट्रेनों और क्लास में लागू की गई है, ताकि रेलवे की वित्तीय स्थिति संतुलित बनी रहे।
बुजुर्गों को मिलेगी लोअर बर्थ
इसके साथ ही रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोअर बर्थ प्राथमिकता की सुविधा भी बहाल कर दी है। अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान सिस्टम स्वतः सीनियर सिटीजन यात्रियों को लोअर बर्थ उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। इससे बुजुर्ग यात्रियों को ऊपरी या मिडिल बर्थ पर चढ़ने की परेशानी से राहत मिलेगी और यात्रा अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
बुजुर्ग यात्रियों के लिए राहत
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ती उम्र में शारीरिक कमजोरी और संतुलन की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में लोअर बर्थ की सुविधा बुजुर्ग यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। इससे न केवल दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी, बल्कि यात्रा के दौरान आराम और सुविधा भी बढ़ेगी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए यात्रियों को यात्रा के दौरान उम्र से संबंधित वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। टिकट जांच के समय प्रमाण प्रस्तुत नहीं करने पर रियायत रद्द की जा सकती है और पूरा किराया वसूला जा सकता है।
कम खर्च में आरामदायक सफर
रेलवे का यह कदम वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी और सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। इन सुविधाओं के बहाल होने से अब बुजुर्ग यात्री कम खर्च में और अधिक आरामदायक तरीके से अपने सफर को पूरा कर सकेंगे। 2026 में लिया गया यह फैसला सीनियर सिटीजन यात्रियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।