Bihar Electricity:बिहार में बिजली विभाग के अफसर अब आम लोगों की सुनेंगे समस्याएं, उपभोक्ता जान लें समय और स्थान
Bihar Electricity: ऊर्जा विभाग के ताजा आदेश के बाद बिजली उपभोक्ता अपनी समस्याओं को लेकर अब सीधे बिजली कंपनी के अफसरों से आमने-सामने बातचीत कर सकेंगे।
Bihar Electricity:बिहार में बिजली व्यवस्था को लेकर लंबे समय से उठते सवालों और शिकायतों के बीच अब सरकार ने उपभोक्ताओं को सीधा संवाद का मंच देने का फैसला किया है। ऊर्जा विभाग के ताजा आदेश के बाद बिजली उपभोक्ता अपनी समस्याओं को लेकर अब सीधे बिजली कंपनी के अफसरों से आमने-सामने बातचीत कर सकेंगे। यह नई व्यवस्था हफ्ते में दो दिन-सोमवार और शुक्रवार-लागू होगी, जिसका मकसद शिकायतों का त्वरित समाधान और प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
यह कदम मुख्यमंत्री के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के सातवें संकल्प ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत उठाया गया है। ऊर्जा विभाग के सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अंचल कार्यालयों में मौजूद रहकर उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनें, उनका विधिवत रजिस्ट्रेशन करें और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
आदेश के मुताबिक, हर सोमवार को दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक और हर शुक्रवार को दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक सभी अंचल कार्यालयों में उपभोक्ता संवाद का आयोजन होगा। इस दौरान अफसरों को न सिर्फ शालीनता और सम्मान के साथ लोगों से पेश आने का निर्देश है, बल्कि कार्यालयों में बैठने की सुविधा, पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी अनिवार्य किया गया है। सियासी भाषा में कहें तो यह फैसला “फाइलों से निकलकर जनता के बीच आने” की प्रशासनिक कोशिश है।
इसके साथ ही उद्योगों और बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से जुड़े एचटी और एलटीआईएस उपभोक्ताओं के लिए भी विशेष इंतजाम किया गया है। हर शुक्रवार को पटना स्थित विद्युत भवन में ‘ओपन हाउस’ बैठक होगी, जिसमें ऊर्जा विभाग के सचिव के साथ साउथ बिहार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। यहां हाई वोल्टेज बिजली आपूर्ति, बिलिंग, कनेक्शन और तकनीकी समस्याओं पर सीधे चर्चा होगी।
राजनीतिक दृष्टि से यह पहल सरकार की उस छवि को मजबूत करने की कोशिश है, जिसमें वह खुद को जन समस्या केंद्रित और जवाबदेह प्रशासन के रूप में पेश कर रही है। अब देखना यह है कि यह व्यवस्था कागज़ों तक सीमित रहती है या वाकई बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का सबब बनती है। फिलहाल संदेश साफ है अब बिजली की शिकायतें सिर्फ फाइलों में नहीं, अफसरों के सामने सुनी जाएंगी।