Bihar IAS IPS Transfer: बिहार में प्रशासनिक हलचल तेज, 6 नए IPS अफसर जल्द पहुंचेंगे बिहार, फील्ड पोस्टिंग की तैयारी, IPS कैडर की कमी पूरी करने की कोशिश

Bihar IAS IPS Transfer: अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर 2024 बैच के 6 नए IPS अधिकारी बिहार पहुंचने वाले हैं।...

6 नए IPS की एंट्री से पुलिस महकमे में हलचल- फोटो : social Media

Bihar IAS IPS Transfer:  बिहार में प्रशासनिक ढांचे के भीतर एक बार फिर बड़े पैमाने पर फेरबदल और नई तैनाती का दौर तेज हो गया है। राज्य में जहां एक ओर IAS और IPS अधिकारियों के लगातार तबादले हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस बल की कमी को पूरा करने के लिए नए अधिकारियों की तैनाती की तैयारी भी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, सम्राट सरकार के तहत प्रशासनिक स्तर पर तेजी से निर्णय लिए जा रहे हैं। हाल ही में 10 IAS अधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि इससे पहले 16 IPS और 12 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर किया जा चुका है। अब तक कुल 23 IPS अधिकारियों का स्थानांतरण और 69 DSP रैंक के अधिकारियों का इधर-उधर किया गया है, जिससे पुलिस प्रशासनिक संरचना में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है।

इसी बीच एक बड़ी खबर यह है कि अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर 2024 बैच के 6 नए IPS अधिकारी बिहार पहुंचने वाले हैं। ये सभी अधिकारी फिलहाल सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनकी ट्रेनिंग 26 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी और अब प्रशिक्षण के बाद इन्हें फील्ड पोस्टिंग के लिए बिहार भेजा जाएगा। इन नए अधिकारियों में विनय कुमार, नवनीत आनंद, विजय राघव गोयल, ताबिश हसन, कोशिंदर और शुभम जैसे नाम शामिल हैं। शुभम ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से इतिहास में स्नातक की पढ़ाई की है। इन युवा अधिकारियों के आने से राज्य की पुलिस व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की प्राथमिकता ऐसे अधिकारियों को फील्ड में तैनात करने की है जो जमीनी स्तर पर तेजी से काम कर सकें और कानून-व्यवस्था को मजबूत बना सकें। इसी रणनीति के तहत चयनित अधिकारियों को उनकी क्षमता और जरूरत के अनुसार महत्वपूर्ण जिलों में तैनात किया जा सकता है। वर्तमान स्थिति में बिहार में आईपीएस अधिकारियों की संख्या स्वीकृत पदों से कम है। राज्य में कुल IPS स्ट्रेंथ 267 है, जबकि वर्तमान में केवल 220 अधिकारी तैनात हैं। इस तरह करीब 47 पद खाली पड़े हैं, जिसका असर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे तबादले एक तरफ प्रशासनिक गति बढ़ाने की कोशिश हैं, वहीं दूसरी तरफ नए अधिकारियों की तैनाती से सिस्टम में सुधार की उम्मीद भी की जा रही है। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में फेरबदल से कुछ समय के लिए फील्ड लेवल पर समन्वय की चुनौती भी सामने आ सकती है। फिलहाल प्रशासनिक हलचल जारी है और आने वाले दिनों में और भी बदलावों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज