Chhapra News: मढ़ौरा में चार महीने की जंग हार गया 14 वर्षीय आयुष, बैट से हमले के बाद मौत पर थाने पहुंचे परिजन

क्रिकेट खेलने के दौरान विवाद में बैट से हमले से घायल 14 वर्षीय आयुष कुमार की 4 महीने बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। न्याय की मांग को लेकर आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर मढ़ौरा थाने पहुंच गए। डीएसपी के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

मढ़ौरा में क्रिकेट खेलने के विवाद में घायल किशोर की मौत पर थाने पहुंचे परिजन- फोटो : Reporter

छपरा।नवरात्र में जहां घर- घर मां दुर्गा की आराधना हो रही है और परिवार खुशहाली की कामना कर रहे हैं, वहीं मढ़ौरा के भावलपुर में एक मां की दुनिया उजड़ गई। जिस 14 वर्षीय बेटे के भविष्य को लेकर परिवार ने अनगिनत सपने संजोए थे, वह चार महीने तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद दुनिया छोड़ गया। घर का चिराग बुझने से परिवार में मातम पसरा है। बेटे की मौत के बाद परिजनों का दर्द और गुस्सा शनिवार को उस समय फूट पड़ा, जब एंबुलेंस में शव लेकर मढ़ौरा थाने पहुंच गए। परिजनों और ग्रामीणों ने मारपीट की घटना में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पुलिस के प्रति नाराजगी जताई है। 


मृतक की पहचान मढ़ौरा थाना क्षेत्र के भावलपुर गांव निवासी आनंद मोहन सिंह के 14 वर्षीय पुत्र आयुष कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का कहना था कि जून में हुई मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद से आयुष का इलाज चल रहा था। इस दौरान परिवार ने उसकी जिंदगी बचाने की हर संभव उम्मीद संजोए रखी, लेकिन शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत से टूट चुके परिजन न्याय की मांग लेकर शव के साथ थाने पहुंच गए।



क्रिकेट बैट से हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था आयुष

परिजनों ने बताया कि घटना बीते पांच जून की है। जहां मढ़ौरा थाना के पीछे स्थित खेल मैदान में खेलने के दौरान बच्चों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान क्रिकेट बैट से आयुष के सिर पर हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे पटना रेफर किया गया था। वहां इलाज के दौरान वह कोमा में चला गया। परिवार को उम्मीद थी कि आयुष स्वस्थ होकर घर लौटेगा, लेकिन चार महीने तक चले इलाज के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।


मां ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

इस मामले में आयुष की मां रीना देवी ने 13 जून को मढ़ौरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में मढ़ौरा बाजार निवासी भोला सोनी के किशोर पुत्र पियुष सोनी और मंजीत सोनी के पुत्र अमृत सोनी को आरोपित किया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, आयुष शाम को घर से ट्यूशन पढ़ने मढ़ौरा गया था। ट्यूशन के बाद वह खेल मैदान में क्रिकेट खेलने लगा। इसी दौरान विवाद हुआ और आरोप है कि पियुष व अमृत ने क्रिकेट बैट से उसके सिर पर हमला कर दिया। चोट लगने से आयुष बेसुध हो गया था। मौके पर मौजूद रामाधार सिंह उसे किसी तरह घर लेकर पहुंचे थे। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए ले गए।


डीएसपी के आश्वासन पर शांत हुए परिजन

परिजनों के शव लेकर थाने पहुंचने और विरोध जताने की सूचना पर मढ़ौरा डीएसपी सविंदर कुमार दास थाने पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। इस संबंध में डीएसपी ने कहा कि मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी जांच वह स्वयं करेंगे। यदि अनुसंधान पदाधिकारी की ओर से लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की पहल की जाएगी। डीएसपी ने आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर भी स्पष्ट आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा भेज दिया। नवरात्र के इस माहौल में आयुष की मौत ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। अब परिजनों की निगाहें पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। उनके लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस घटना ने उनके बेटे को जिंदगी और मौत के बीच पहुंचा दिया, उसमें न्याय कब मिलेगा।

सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट