Bihar MLC Election 2026: सारण में जनसुराज प्रत्याशी आफाक अहमद पर FIR, आचार संहिता उल्लंघन का आरोप

Bihar MLC Election 2026: बिहार के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज के प्रत्याशी आफाक अहमद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ...

जनसुराज प्रत्याशी आफाक अहमद पर FIR- फोटो : social Media

Bihar MLC Election 2026: बिहार के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज के प्रत्याशी आफाक अहमद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में उनके खिलाफ नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चुनाव प्रचार से संबंधित सामग्री पोस्ट किए जाने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, चुनावी प्रचार से जुड़ी पोस्ट को लेकर आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया। इसके बाद संबंधित मामले में नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन प्रक्रिया पर प्रशासन की नजर है और चुनावी नियमों के पालन को लेकर कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होता है। सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के दौरान भी इन नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। फिलहाल, आफाक अहमद के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी मामले में आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आनी बाकी है।

बता दें इससे पहले साइलेंस पीरियड यानी मतदान से पहले प्रचार पर प्रतिबंध की अवधि में  ऑनलाइन चुनाव प्रचार करने के आरोप में जन सुराज पार्टी के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी श्याम नंदन कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। ला प्रशासन, मुजफ्फरपुर के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि साइलेंस पीरियड के दौरान ऑनलाइन माध्यम से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार श्याम नंदन कुमार यादव द्वारा चुनाव प्रचार किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद मामले के सत्यापन के लिए काजी मोहम्मदपुर थानाध्यक्ष को आवश्यक कार्रवाई में सहयोग करने को कहा गया। 

प्रशासन के अनुसार  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित आचार संहिता निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगी और इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।चुनावी सरगर्मी के बीच इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अब निगाहें पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं

ब्यूरो रिपोर्ट