E10 Petrol: पुरानी गाड़ियों वालों के लिए बड़ी खबर! वापस आ सकता है E10 पेट्रोल, जानें E20 से क्या है अंतर

E10 Petrol: पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल फिर उपलब्ध कराने पर सरकार और तेल कंपनियां विचार कर रही हैं। जानें E10 और E20 पेट्रोल को लेकर पूरी जानकारी।

E10 Petrol: पुरानी गाड़ियां चलाने वाले लोगों के लिए पेट्रोल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारत सरकार और तेल कंपनियां इस बात पर विचार कर रही हैं कि पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल फिर से उपलब्ध कराया जा सकता है या नहीं। हालांकि, अभी E20 पेट्रोल को हटाकर उसकी जगह E10 पेट्रोल लाने की कोई योजना नहीं है।


भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजय खन्ना ने यह जानकारी दी है। BPCL की 73वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों को E10 पेट्रोल की सप्लाई करने में कोई बड़ी परेशानी नहीं दिख रही है। हालांकि, पेट्रोल पंपों पर E10 और E20 दोनों तरह का पेट्रोल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर अभी काम किया जा रहा है।


पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल की जरूरत क्यों पड़ी?


E20 पेट्रोल में 20 फीसदी तक इथेनॉल मिलाया जाता है। देश में धीरे-धीरे E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को बढ़ाया जा रहा है। इसके बाद पुरानी गाड़ियां चलाने वाले कई लोगों ने माइलेज कम होने और गाड़ी के कुछ हिस्सों पर असर पड़ने की चिंता जताई है। कुछ वाहन मालिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियों में फ्यूल सिस्टम से जुड़ी परेशानी आ सकती है। इसके अलावा गाड़ी की मरम्मत पर खर्च बढ़ने की चिंता भी सामने आई है। इसी वजह से पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल का विकल्प देने की मांग उठ रही है।


मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भी दिया था E10 का सुझाव


मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने 17 अगस्त को प्रकाशित एक लेख में पुरानी गाड़ियों के मालिकों की परेशानी को देखते हुए E10 पेट्रोल पर फिर से विचार करने की बात कही थी। उन्होंने सुझाव दिया था कि पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ E10 पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे उन लोगों को विकल्प मिल सकता है जिनकी पुरानी गाड़ियां E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।


सरकार ने E20 पेट्रोल पर क्या कहा?


केंद्र सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि देश को पूरी तरह E10 या E0 पेट्रोल पर वापस ले जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 10 अगस्त को राज्यसभा में इस बारे में जानकारी दी थी। सरकार के अनुसार देशभर में एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर E0, E10 और E20 पेट्रोल की अलग-अलग सप्लाई व्यवस्था बनाए रखने से परिवहन, स्टॉक रखने और पेट्रोल पंपों के रखरखाव का खर्च काफी बढ़ सकता है। सरकार का कहना है कि वैज्ञानिक जांच और वाहन उद्योग की मंजूरी के आधार पर देश में ईंधन के नए मानकों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसलिए अभी E0 या E10 पेट्रोल पर पूरी तरह वापस जाने की कोई योजना नहीं है।


क्या E10 और E20 पेट्रोल दोनों मिलेंगे?


फिलहाल E10 और E20 दोनों पेट्रोल को एक साथ उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। BPCL के प्रमुख के अनुसार E10 पेट्रोल की सप्लाई में बड़ी लॉजिस्टिक समस्या नहीं दिख रही है। हालांकि, दोनों तरह के पेट्रोल को एक ही समय पर पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने और स्टोर करने की व्यवस्था को लेकर काम किया जा रहा है।


अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो पुरानी गाड़ियों के मालिकों को राहत मिल सकती है। उन्हें अपनी गाड़ी के हिसाब से E10 या E20 पेट्रोल चुनने का विकल्प मिल सकता है। हालांकि, अभी इसे लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। E20 पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा ज्यादा होने के कारण इसे पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की सरकारी नीति का हिस्सा माना जाता है। इसका मकसद पेट्रोल के आयात पर निर्भरता कम करना और देश में इथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ाना है। वहीं पुरानी गाड़ियों के मालिकों की चिंताओं को देखते हुए E10 को विकल्प के तौर पर उपलब्ध कराने पर चर्चा चल रही है।