Petrol-Diesel Price Today: कच्चा तेल सस्ता होने पर भी भारत में क्यों नहीं घटे पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें दिल्ली-मुंबई समेत नए रेट
Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। जानें ऐसा क्यों होता है और दिल्ली, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज के रेट क्या हैं।
Petrol-Diesel Price Today: ईरान युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने 5 नवंबर की सुबह 6 बजे ईंधन के नए रेट जारी किए। आज भी पेट्रोल-डीजल पुरानी कीमतों पर ही मिल रहा है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हो रहा है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत क्यों नहीं घटते? इसकी वजह सिर्फ कच्चे तेल की कीमत नहीं है। तेल खरीदने का खर्च, रुपये और डॉलर की कीमत, टैक्स और तेल कंपनियों के खर्च भी पेट्रोल-डीजल के दाम तय करने में भूमिका निभाते हैं।
अमेरिकी चुनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में नुकसान हुआ। इसके बाद बाजार में उम्मीद बढ़ी कि अमेरिकी सरकार ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता अपना सकती है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 नवंबर को ब्रेंट क्रूड की कीमत 8.98 डॉलर यानी करीब 8.7 फीसदी गिरकर 94.62 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई। अमेरिकी कच्चे तेल WTI की कीमत भी 8.3 फीसदी गिरकर 88.12 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। 5 नवंबर को भी तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। ब्रेंट क्रूड 93.65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में हुए नुकसान के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार बताया। हालांकि, ईरान के साथ बातचीत से युद्ध खत्म होगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। बाजार में तेल की कीमतों पर युद्ध और सप्लाई से जुड़ी खबरों का असर बना हुआ है।
कच्चा तेल सस्ता होने पर भी पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत क्यों नहीं घटते?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर पेट्रोल और डीजल पर तुरंत नहीं दिखता। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव और भारत में पेट्रोल पंप पर मिलने वाले ईंधन की कीमत एक जैसी नहीं होती।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। तेल खरीदने के बाद उसे भारत लाया जाता है और रिफाइनरी में पेट्रोल-डीजल तैयार किया जाता है। इसके बाद परिवहन, भंडारण और दूसरे खर्च जुड़ते हैं। इसलिए आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने का मतलब यह नहीं है कि उसी दिन भारत में बिकने वाला पेट्रोल-डीजल भी सस्ता हो जाएगा।
इसके अलावा तेल कंपनियां कच्चे तेल की कीमत के साथ रुपये और डॉलर की विनिमय दर, खरीद की लागत और अपने पुराने घाटे को भी ध्यान में रखती हैं। अगर कंपनियों को पहले हुए नुकसान की भरपाई करनी है, तो कच्चा तेल सस्ता होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने में समय लग सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सरकार और टैक्स का भी असर
तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतें जारी करती हैं। लेकिन पंप पर मिलने वाला अंतिम भाव कई बातों से तय होता है। इसमें केंद्र सरकार का उत्पाद शुल्क, राज्य सरकारों का वैट, परिवहन खर्च और तेल कंपनियों की लागत शामिल होती है। इसी वजह से अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग होते हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल की कीमत एक जैसी नहीं है। राज्य सरकारों के टैक्स और स्थानीय खर्च में अंतर होने से यह फर्क आता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम होने के बाद भी घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल सस्ता होना तय नहीं है।
5 नवंबर को पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव
5 नवंबर को देश के कई प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये में मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल की कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.76 रुपये और डीजल की कीमत 99.55 रुपये है। लखनऊ में पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 99.28 रुपये प्रति लीटर बताया गया है। दिए गए शहरों के आंकड़ों के मुताबिक, पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल 88.66 रुपये और डीजल 84.56 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, आंध्र प्रदेश के चित्तूर में पेट्रोल 118.34 रुपये और डीजल 106.06 रुपये प्रति लीटर बताया गया है।
आगे पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा या नहीं?
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की लागत कम हो सकती है। लेकिन इसके लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों का लगातार नीचे बने रहना जरूरी है। ईरान युद्ध की स्थिति, तेल की सप्लाई, रुपये-डॉलर की कीमत और सरकारी टैक्स जैसे कई कारक भी असर डालेंगे। इसलिए केवल एक दिन कच्चे तेल की कीमत गिरने से यह नहीं कहा जा सकता कि भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम जल्द कम हो जाएंगे। तेल कंपनियों के अगले फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर ही आगे की कीमतें निर्भर करेंगी।