Bihar Crime:बिहार में बदमाशों की गुंडागर्दी, रात की ड्यूटी से लौट रहे डॉक्टर पर जानलेवा हमला, मार मार कर किया लहूलुहान

Bihar Crime:सरकारी अस्पताल के डॉक्टर पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। सफेद कोट पहनकर मासूमों की जान बचाने वाले डॉक्टर को रात के अंधेरे में गुंडों ने इस कदर पीटा कि उनका सिर फट गया।

बिहार में बदमाशों की गुंडागर्दी- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार में कानून-व्यवस्था के दावों की पोल एक बार फिर सरेआम खुल गई है। नवादा में सरकारी अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. मंगलम पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। सफेद कोट पहनकर मासूमों की जान बचाने वाले डॉक्टर को रात के अंधेरे में गुंडों ने इस कदर पीटा कि उनका सिर फट गया। यह वारदात तब हुई जब डॉक्टर रात करीब 10 बजे ड्यूटी खत्म कर अपने घर लौट रहे थे।

घटना यादव चौक के रास्ते सिविल कोर्ट के पीछे अंजाम दी गई, जहां बाइक सवार दो बदमाशों ने डॉक्टर को रास्ते में रोक लिया। पहले गाली-गलौज, फिर हाथापाई और आखिर में पत्थर से सिर पर वार पूरी वारदात किसी फिल्मी सीन से कम नहीं, लेकिन हकीकत में यह सिस्टम की नाकामी की खौफनाक तस्वीर है। बदमाशों का इरादा क्या था, यह जांच का विषय है, मगर हमला इतना बेरहम था कि डॉक्टर लहूलुहान होकर गिर पड़े।

डॉ. एस.एस. मंगलम ने बताया कि वे इमरजेंसी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे, तभी दो युवक सामने आए जो नशे में धुत लग रहे थे। बिना किसी वजह के गालियां दी गईं और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी गई। पत्थर से किए गए वार ने उनके सिर को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। डॉक्टर ने कहा कि अब वह खुद को बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डॉक्टर के आवेदन पर दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने दावा किया है कि अनुसंधान तेज कर दिया गया है और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। हालांकि, शहर में लोग इसे महज दिलासा मान रहे हैं।

इस घटना के बाद सरकारी डॉक्टरों में दहशत और गुस्सा दोनों है। उनका कहना है कि अगर इलाज करने वाले ही महफूज नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या हाल होगा। खासकर रात की ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों के लिए सुरक्षा इंतजाम न के बराबर हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि बिहार में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी जो कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे करते हैं, क्या नवादा की यह वारदात उन दावों को खोखला साबित नहीं करती? बदमाशों ने साफ पैगाम दे दिया है कि डर उनका हथियार है और कानून फिलहाल उनके सामने बेबस नजर आ रहा है।

रिपोर्ट- अमन कुमार