Bihar Crime: बिहार में साइबर माफिया का भंडाफोड़, फाइनेंस के नाम पर ठगी का जाल, STF-EOU की दबिश में पांच धराए, दो फरार
Bihar Crime: बिहार में साइबर ठगी के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।....
Bihar Crime: बिहार में साइबर ठगी के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ और आर्थिक अपराध इकाई की संयुक्त कार्रवाई में शेखपुरा जिलेके बरबीघा थाना क्षेत्र के छबीला टीका गांव से साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल रेड में पुलिस ने मौके से पांच साइबर अपराधियों को रंगे हाथों दबोच लिया, जबकि गिरोह के दो शातिर सदस्य अंधेरे और अफरातफरी का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब हो गए।
इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साइबर डीएसपी ज्योति कुमारी ने बताया कि पटना से आई एसटीएफ और आर्थिक अपराध इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि छबीला टीका गांव में साइबर ठगी का नेटवर्क बड़ी ही चालाकी से संचालित किया जा रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद संयुक्त टीम ने सुनियोजित तरीके से छापा मारा।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें से पांच की संलिप्तता ठगी के इस काले कारोबार में पुख्ता तौर पर साबित हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू कुमार, पुष्पक कुमार, राजीव कुमार, अवनीश कुमार और मोहित कुमार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने छह मोबाइल फोन और ठगी में इस्तेमाल होने वाला अहम डेटाबेस भी जब्त किया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह धनि फाइनेंस नामक फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों को कम ब्याज पर लोन देने का झांसा देता था। जैसे ही पीड़ित उनके जाल में फंसते, उनसे आधार, पैन, बैंक डिटेल और ओटीपी हासिल कर खाते खाली कर दिए जाते। डीएसपी ने बताया कि आरोपी राजू कुमार के मोबाइल की जांच में एनसीआर पोर्टल पर देश के अलग-अलग राज्यों से दर्ज 10 ठगी की शिकायतें मिली हैं, जो इस गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं।
पुलिस ने आम जनता को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि किसी भी अनजान लोन ऐप या लिंक पर भरोसा न करें और बिना सत्यापन के निजी जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाना से संपर्क करने की अपील की गई है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की तैयारी की जा रही है।
रिपोर्ट- उमेश कुमार