Pitru Paksha: पितृपक्ष में पुत्र धर्म निभाने पहुंचे DIG सत्यप्रकाश, पुनपुन घाट पर माता-पिता के लिए किया जल तर्पण

Pitru Paksha:पितृपक्ष के पावन अवसर पर शाहाबाद रेंज के डीआईजी सत्यप्रकाश ने आज औरंगाबाद के प्रसिद्ध पुनपुन घाट सीरीस पहुंचकर अपने स्वर्गीय माता-पिता की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से जल तर्पण किया।...

DIG Satyaprakash
पितृपक्ष में पुत्र धर्म निभाने पहुंचे DIG सत्यप्रकाश- फोटो : reporter

Pitru Paksha:पितृपक्ष के पावन अवसर पर शाहाबाद रेंज के डीआईजी सत्यप्रकाश ने आज औरंगाबाद के प्रसिद्ध पुनपुन घाट सीरीस पहुंचकर अपने स्वर्गीय माता-पिता की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से जल तर्पण किया। हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार किए गए इस तर्पण के दौरान उन्होंने अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और कर्तव्य का निर्वहन किया।

जल तर्पण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीआईजी सत्यप्रकाश ने कहा कि वह अपने स्वर्गीय माता-पिता की आत्मा की शांति और सद्गति की कामना लेकर पुनपुन नदी के पवित्र तट पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता के प्रति श्रद्धा और उनके स्मरण का यह अवसर उनके लिए बेहद भावुक और महत्वपूर्ण है।

डीआईजी ने पुनपुन नदी की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अत्यंत पवित्र स्थल है, जिसकी महिमा हिंदू धर्मग्रंथों और पुराणों में वर्णित है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के माता-पिता और पूर्वज इस संसार से विदा हो चुके हैं, उन्हें पितृपक्ष के दौरान अपने पितरों के निमित्त यहां आकर श्रद्धापूर्वक जल तर्पण करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि गया श्राद्ध और पिंडदान की धार्मिक परंपरा में पुनपुन नदी के तट का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता के अनुसार, गया श्राद्ध के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को प्रथम पिंडदान पुनपुन नदी के तट पर करना चाहिए। पुनपुन तट को गया श्राद्ध की प्रथम वेदी माना जाता है और शास्त्रीय परंपराओं में भी इसका उल्लेख मिलता है।

डीआईजी सत्यप्रकाश ने कहा कि आदि गंगा पुनपुन के तट पर पिंडदान और तर्पण की परंपरा सदियों पुरानी है। पितरों की शांति, मोक्ष और आशीर्वाद की कामना से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पितृपक्ष में इस स्थान की धार्मिक आस्था और बढ़ जाती है।डीआईजी के तर्पण के दौरान घाट पर मौजूद लोगों ने उनके भावपूर्ण पुत्र धर्म और पितृभक्ति की सराहना की। पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों के साथ धार्मिक और पारिवारिक दायित्व निभाते हुए डीआईजी का यह भावुक अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर