Bihar Politics: विधायक चेतन आनंद से टकराव के बीच राजा बाबू पर JDU ने फिर जताया भरोसा, दूसरी बार युवा जदयू की मिली कमान, सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

Bihar Politics: सियासत में इन दिनों युवा जदयू के संगठनात्मक फैसले को लेकर चर्चा तेज है।...

JDU Reappoints Rajiv Ranjan
राजा बाबू पर JDU ने फिर जताया भरोसा- फोटो : reporter

Bihar Politics: औरंगाबाद जिले की सियासत में इन दिनों युवा जदयू के संगठनात्मक फैसले को लेकर चर्चा तेज है। जनता दल यूनाइटेड ने राजीव रंजन सिंह उर्फ राजा बाबू को लगातार दूसरी बार औरंगाबाद युवा जदयू का जिलाध्यक्ष बनाया है। पार्टी के इस फैसले के बाद उन तमाम सियासी कयासों पर विराम लगता दिख रहा है, जो पिछले कुछ समय से राजा बाबू और नवीनगर विधायक चेतन आनंद के बीच सामने आए विवाद को लेकर लगाए जा रहे थे। युवा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश पटेल की ओर से जिलाध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद राजा बाबू को दोबारा जिम्मेदारी मिलने की पुष्टि हुई है।

राजीव रंजन सिंह लंबे समय से जदयू संगठन से जुड़े रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक वह वर्ष 2009 से पार्टी में सक्रिय हैं और युवा जदयू के प्रखंड अध्यक्ष, काराकाट सांसद के प्रतिनिधि तथा जदयू के जिला मुख्य प्रवक्ता जैसे पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। पार्टी ने संगठन में उनकी सक्रियता और युवाओं के बीच संपर्क को देखते हुए उन्हें फिर से युवा संगठन की कमान सौंपी है।

राजा बाबू और नवीनगर विधायक चेतन आनंद के बीच विवाद ने पिछले कुछ महीनों में स्थानीय राजनीति को गरमा दिया था। अप्रैल 2026 में राजा बाबू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चेतन आनंद पर धमकी देने और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पुलिस में शिकायत की बात भी कही थी। दूसरी ओर, चेतन आनंद की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे साजिश बताया गया था। विधायक पक्ष ने राजा बाबू पर एनटीपीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने संबंधी आरोप लगाए थे। यानी इस पूरे मामले में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर दावे और पलटवार सामने आए थे।इसी पृष्ठभूमि में जब युवा जदयू के जिलाध्यक्ष के तौर पर दोबारा नाम सामने आया तो औरंगाबाद के सियासी हलकों में चर्चा स्वाभाविक तौर पर तेज हो गई। अब पार्टी के फैसले ने साफ कर दिया है कि संगठन ने फिलहाल राजा बाबू पर अपना भरोसा कायम रखा है।

दूसरी बार जिम्मेदारी मिलने के बाद राजीव रंजन उर्फ राजा बाबू ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर दोबारा भरोसा जताकर जो जिम्मेदारी दी है, उस पर वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे।उन्होंने संगठन को गांव, पंचायत और बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा अधिक से अधिक युवाओं को जदयू से जोड़ने की बात कही। उनका कहना है कि युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा में संगठित कर बिहार के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

राजा बाबू ने अपने संबोधन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। वहीं, स्थानीय राजनीतिक चर्चा के मुताबिक उनके कुछ बयानों को चेतन आनंद के साथ चल रहे पुराने विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने ताजा बयान में किसी व्यक्ति पर सीधे तौर पर नया आरोप नहीं लगाया है।युवा जदयू की कमान दोबारा मिलने के बाद अब निगाह इस बात पर है कि राजा बाबू और चेतन आनंद के बीच आगे संगठनात्मक स्तर पर तालमेल किस तरह रहता है। फिलहाल इतना जरूर है कि विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जदयू नेतृत्व ने राजा बाबू को फिर से संगठन की जिम्मेदारी देकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक-संगठनात्मक संदेश दिया है।

रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर