Baba Nagarjun: जनकवि बाबा नागार्जुन के परिवार पर टूटा गम का पहाड़, बड़ी बहू रेखा मिश्र का निधन, साहित्य जगत में शोक की लहर
Baba Nagarjun: जनकवि और प्रख्यात साहित्यकार बाबा नागार्जुन के परिवार की वरिष्ठ सदस्य एवं साहित्यकार शोभाकांत मिश्र की पत्नी रेखा मिश्र का निधन हो गया।
Baba Nagarjun: हिंदी साहित्य जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जनकवि और प्रख्यात साहित्यकार बाबा नागार्जुन के परिवार की वरिष्ठ सदस्य एवं साहित्यकार शोभाकांत मिश्र की पत्नी रेखा मिश्र का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही साहित्यिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। वह 71 वर्ष की थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं।
परिजनों के अनुसार रेखा मिश्र का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के कारण शुक्रवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर-परिवार में मातमी माहौल है और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है।
रेखा मिश्र केवल एक पारिवारिक पहचान तक सीमित नहीं थीं, बल्कि साहित्यिक परिवेश से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा। जनकवि बाबा नागार्जुन के परिवार का हिस्सा होने के नाते उन्होंने साहित्यिक और सांस्कृतिक मूल्यों को निकट से जिया और आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन को साहित्यिक विरासत से जुड़े एक महत्वपूर्ण अध्याय के अवसान के रूप में भी देखा जा रहा है।
परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि वह पिछले काफी समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर फैलते ही साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके परिचितों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
रेखा मिश्र अपने पीछे पुत्र, पुत्री, नाती-पोते सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके स्नेह, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की यादें हमेशा परिजनों के दिलों में जीवित रहेंगी।
शनिवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ एकमी घाट पर किया गया, जहां परिवारजनों, साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि बिहार के साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत को भी अपूरणीय क्षति पहुंची है।