Bihar News : गया में मनाई गई शहीद रामानंदन शर्मा की 14वीं पुण्यतिथि, वक्ताओं ने किया नमन, विश्वविद्यालय परिसर में की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग

Bihar News : गया में मनाई गई शहीद रामानंदन शर्मा की 14वीं पु

GAYAJI : शिक्षाविद, समाजसेवी एवं पंचायती राज व्यवस्था के विभिन्न पदों को सुशोभित करने वाले शहीद रामानंदन शर्मा की चौदहवीं पुण्यतिथि सह श्रद्धांजलि सभा का आयोजन महावीर सूर्य नन्दन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा डाक बंगला परिसर, टिकारी में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। सभा की अध्यक्षता प्रो. मुंद्रिका प्रसाद नायक ने की, जबकि संचालन हिमांशु शेखर ने किया। सभा में वक्ताओं ने वर्ष 2012 की उस घटना को याद किया, जब गया में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर रामानंदन शर्मा अपने साथियों के साथ पटना के कारगिल चौक पर धरना देने जा रहे थे। इसी दौरान मार्ग में सड़क दुर्घटना में उनका तथा चालक श्रवण कुमार का निधन हो गया, जबकि उनके साथी वाल्मीकि प्रसाद, बृजमोहन शर्मा, प्रो. मुंद्रिका प्रसाद नायक एवं श्रीकांत शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

वक्ताओं ने कहा कि रामानंदन शर्मा की शहादत के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग जन आंदोलन बन गई, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना गया की धरती पर संभव हो सकी। इसे उनकी शहादत की देन बताया गया। इस अवसर पर उनके पुत्र नरेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू एवं नीरज कुमार उर्फ लड्डू ने अतिथियों का स्वागत किया। उपस्थित लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में शहीद रामानंदन शर्मा की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग दोहराई। धीरेन्द्र शर्मा उर्फ धीरू ने प्रतिमा निर्माण के लिए समिति गठन की आवश्यकता जताई, वहीं बृजमोहन शर्मा ने इसके लिए आंदोलन चलाने पर बल दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण ने स्थानीय लोगों के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग की। प्रो. विजय कुमार मिट्ठू ने जानकारी दी कि अप्रैल माह से विश्वविद्यालय परिसर में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत होने जा रही है।

पूर्व विधायक शिव वचन यादव ने विश्वविद्यालय स्थापना में लालू प्रसाद की भूमिका का उल्लेख करते हुए रामानंदन शर्मा के जीवन पर इतिहास लिखे जाने की आवश्यकता बताई। पूर्व विधायक प्रो. रण विजय सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थानों का निर्माण मंदिर-मस्जिद निर्माण से अधिक श्रेयस्कर है। अध्यक्ष प्रो. मुंद्रिका प्रसाद नायक ने भी विश्वविद्यालय आंदोलन के इतिहास लेखन पर बल दिया। अस्वस्थता के कारण अनुपस्थित रहे कांग्रेस नेता वाल्मीकि प्रसाद ने संदेश भेजकर गया की पहचान भगवान विष्णु एवं गौतम बुद्ध से जुड़ी होने का उल्लेख करते हुए केंद्रीय विश्वविद्यालय का नामकरण इन्हीं के नाम पर करने की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु शेखर ने केंद्र सरकार से विश्वविद्यालय परिसर में केंद्रीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना की मांग रखी।

कार्यक्रम में नरेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू, नीरज कुमार उर्फ लड्डू, शिव वचन यादव, सत्येंद्र नारायण, बृजमोहन शर्मा, रामकृष्ण त्रिवेदी, बुलबुल शर्मा, रामजी शर्मा, मनीष यादव, सतेन्द्र चंद्रवंशी, डॉ. अशोक यादव, प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, धीरेन्द्र शर्मा, बंटी यादव, नागेंद्र सिंह, नाथुन पासवान, कृष्णा शर्मा, मदन शर्मा, रामाशीष प्रजापति, शिव शंकर शर्मा, वरुण सिंह, रामानुज शर्मा, अखिलेश शर्मा, विजय पासवान सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन नरेंद्र कुमार उर्फ गुड्डू ने किया।