Bihar News: राज्यपाल ने मुजफ्फरपुर में नारायणी अस्पताल का किया उद्घाटन, कहा- बिहार के लोगों को अब दूसरे राज्य में जाने की आवश्यकता नहीं

Bihar News: राज्यपाल ने यह भी कहा कि बिहार के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा के लिए अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। यह चिकित्सकों की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए कि वे अपने राज्य में ही अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं

नारायणी अस्पताल
Narayani Hospital in Muzaffarpur- फोटो : reporter

Bihar News:  बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुजफ्फरपुर के पी & टी गोशाला रोड स्थित नारायणी अस्तापल का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर अस्तापल के प्रबंधक डॉ. अर्चना कुमारी और डॉ. सत्यप्रकाश, रामकृष्ण मिशन के स्वामी भावात्मानंद, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ओपी राय, डॉ. संजय कुमार, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमलेश तिवारी, और गांधी शांति प्रतिष्ठान के पूर्व सचिव सुरेंद्र कुमार जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, शहर के अनेक प्रतिष्ठित डॉक्टर और राजनेता भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनता और चिकित्सा क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।

उद्घाटन के बाद, राज्यपाल महोदय ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार राज्य के नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होती हैं, तो यह न केवल मरीजों का समय और खर्च बचाती है, बल्कि उनके मानसिक तनाव में भी महत्वपूर्ण कमी आती है। इस प्रकार मरीजों को एक सशक्त और समर्थ चिकित्सा प्रणाली का लाभ मिलता है। जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होता है।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि बिहार के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा के लिए अन्य राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। यह चिकित्सकों की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए कि वे अपने राज्य में ही अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं, ताकि राज्य के लोग किसी भी प्रकार की चिकित्सा समस्याओं के लिए बाहर न जाएं। उन्होंने इस संदर्भ में डॉ. सत्यप्रकाश से रोबोटिक सर्जरी को बढ़ावा देने और राज्य में इसके उपयोग को बढ़ाने का अनुरोध किया। जिससे उच्च गुणवत्ता की सर्जरी और चिकित्सा सुविधाएं लोगों तक आसानी से पहुंच सकें।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने चिकित्सकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि समाज को चिकित्सकों के प्रति सम्मानजनक और आदरणीय व्यवहार अपनाना चाहिए। उनका मानना था कि चिकित्सक समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं, जो लोगों की जीवन रेखा होते हैं और उनका सम्मान होना चाहिए। इस संदर्भ में उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक का उल्लेख किया, "शरीरे जर्जरी भूतों याधो गृहस्ती काले-बड़े, औषघम जनावी तोयम बैद्यम नारायण हरी," जिसका अर्थ है कि जब शरीर पर कोई आघात या बीमारी आती है, तो औषधि ही उसका उपचार है, और यह उपचार भगवान की कृपा से ही संभव होता है, जो डॉक्टर के माध्यम से हमें प्राप्त होता है।

उद्घाटन समारोह के दौरान राज्यपाल महोदय के विचारों का व्यापक स्वागत किया गया। समारोह में शामिल सभी लोग उनके संबोधन से प्रेरित हुए और राज्य सरकार की चिकित्सा क्षेत्र में भविष्य की योजनाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सराहा। समारोह का संचालन डॉ. मीनाक्षी मीनल ने सफलतापूर्वक किया।

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