Bihar Durga Puja: नालंदा में पट खुलते ही उमड़ा आस्था का सैलाब, मां दुर्गा के दर्शन को टूट पड़े श्रद्धालु, रंगीन रोशनी से जगमगाया शहर

Bihar Durga Puja:शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर मां दुर्गा और मां काली के पट खुलते ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।...

Bihar Durga Puja: नालंदा में पट खुलते ही उमड़ा आस्था का सैला
चरम पर दुर्गोत्सव की रौनक - फोटो : RAJ

Nalanda : शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर मां दुर्गा और मां काली के पट खुलते ही बिहारशरीफ में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। माता के दर्शन के लिए पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। घंटियों की गूंज, भक्ति गीतों की धुन और माता के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। भैंसासुर मोहल्ले में मां काली की आरती के बाद विधायक डॉ. सुनील कुमार ने पूजा-अर्चना कर पट खोला। पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

भैंसासुर मोहल्ले में मां काली की आरती और पूजा-अर्चना के बाद पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। माता के दर्शन के लिए भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही शहर के अलग-अलग पूजा पंडालों में तैयारियों और धार्मिक अनुष्ठानों का माहौल बना रहा। पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी और पूरा इलाका माता के जयकारों से गूंज उठा।

दुर्गापूजा को लेकर बिहारशरीफ की सड़कों, गलियों और मोहल्लों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते रास्ते और भव्य पूजा पंडाल त्योहार की रौनक बढ़ा रहे हैं। इस बार कोणार्क मंदिर, अयोध्या धाम और खाटू श्याम मंदिर की तर्ज पर तैयार किए गए पंडाल श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।पंडालों की कलात्मक सजावट और रोशनी देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालु माता के दर्शन के साथ भव्य सजावट का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

शाम ढलते ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल और बढ़ने लगी। माता के भक्ति गीतों और जयकारों के बीच लोग पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सप्तमी से शुरू हुई रौनक के साथ शहर में उत्सव का माहौल छा गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए देर रात तक पंडालों और आसपास के इलाकों में चहल-पहल बने रहने की उम्मीद है। नवरात्र की सप्तमी पर पट खुलने के साथ ही बिहारशरीफ में दुर्गापूजा का उत्साह साफ दिखाई देने लगा है। आकर्षक पंडाल, जगमगाती रोशनी और माता के जयकारों ने शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया है। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर केवल पूजा-अर्चना का नहीं, बल्कि परिवार और समाज के साथ आस्था तथा परंपरा से जुड़ने का भी है।

रिपोर्ट- राज पाण्डेय