Bihar News: मॉर्निंग वॉक और योग करने वालों की बढ़ी परेशानी, सुबह 7 बजे के बाद मुफ्त प्रवेश बंद होने से लोगों में आक्रोश
Bihar News: ठंड का मौसम शुरू होते ही शहर के सुभाष पार्क में सुबह टहलने और योग करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
Nalanda: ठंड का मौसम शुरू होते ही शहर के सुभाष पार्क में सुबह टहलने और योग करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्क प्रबंधन की ओर से मुफ्त प्रवेश की समय-सीमा घटाए जाने के बाद शहरवासियों में आक्रोश पनपने लगा है। पहले जहां सुबह 8 बजे तक लोगों को पार्क में निःशुल्क प्रवेश की अनुमति थी, वहीं मंगलवार से सुबह 7 बजे के बाद ही मुफ्त प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अचानक लागू किए गए इस फरमान से नियमित रूप से पार्क आने वाले लोगों में नाराजगी है। लोगों ने व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए विभागीय अधिकारियों से समय में बदलाव की मांग की है।शहरवासियों का कहना है कि ठंड के दिनों में सुबह देर से उजाला होता है। ऐसे में अंधेरे में घर से निकलना जोखिम भरा हो सकता है। जब तक लोग सुरक्षित तरीके से घर से निकलकर पार्क पहुंचते हैं, तब तक मुफ्त प्रवेश का निर्धारित समय समाप्त हो जाता है। नतीजतन, स्वास्थ्य लाभ के लिए आने वाले लोगों को या तो प्रवेश शुल्क देना पड़ता है या फिर अपनी मॉर्निंग वॉक और योग की दिनचर्या से समझौता करना पड़ता है। लोगों ने इस व्यवस्था को लेकर पार्क के गेट पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
सुभाष पार्क शहर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, जहां प्रतिदिन सुबह सैकड़ों लोग टहलने, योग और व्यायाम करने पहुंचते हैं। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक के लिए यह पार्क स्वास्थ्य और मानसिक सुकून का अहम ठिकाना है। राकेश कुमार, सुजीत कुमार, नीरज कुमार, अच्युतानंद पांडेय और शिशुपाल कुमार समेत अन्य लोगों ने बताया कि वर्षों से उनकी दिनचर्या सुभाष पार्क से जुड़ी हुई है।उनका कहना है कि पार्क का उद्देश्य आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण में स्वास्थ्य लाभ लेने की सुविधा उपलब्ध कराना है। ऐसे में ठंड के मौसम में मुफ्त प्रवेश का समय कम करना नियमित आगंतुकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
शहरवासियों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए बताया कि सुबह करीब 6:15 बजे सूर्योदय होता है। इससे पहले चारों ओर अंधेरा और ठंड रहने के कारण लोग घर से निकलने में हिचकिचाते हैं। शहर में पूर्व में चेन स्नेचिंग और मोबाइल छिनतई जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में लोग किसी आपराधिक वारदात का शिकार होने का खतरा मोल नहीं लेना चाहते।लोगों का कहना है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उजाला होने के बाद ही घर से निकलना उचित है। लेकिन पार्क में सुबह 7 बजे मुफ्त प्रवेश बंद होने से उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इससे बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है।शहरवासियों ने मांग की है कि मौसम के अनुसार पार्क के प्रवेश का समय निर्धारित किया जाए। गर्मी में सूर्योदय जल्दी होता है, जबकि ठंड में सुबह देर तक अंधेरा रहता है। इसलिए दोनों मौसमों में एक समान समय-सीमा लागू करना व्यावहारिक नहीं है। लोगों ने सुबह 6 से 9 बजे तक मुफ्त प्रवेश की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे नौकरीपेशा लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं को अपनी सुविधानुसार स्वास्थ्य लाभ लेने का अवसर मिलेगा।
इस मामले में नालंदा वन प्रमंडल के रेंज ऑफिसर फॉरेस्ट (आरओएफ) सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि पार्क में विभागीय आदेश के अनुसार प्रवेश की व्यवस्था लागू की गई है। शहरवासियों की ओर से मुफ्त प्रवेश का समय बढ़ाने की मांग की गई है। इस मांग से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। अधिकारियों की ओर से समय में बदलाव का निर्णय लिया जाता है तो उसी के अनुरूप नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
रिपोर्ट- राज पाण्डेय