विवादित वीडियो पर BJP जिला उपाध्यक्ष का बड़ा दावा: "छवि बिगाड़ने के लिए AI से बनाया गया फेक वीडियो, विरोधियों की साजिश"
Bihar News : नवादा बीजेपी जिला उपाध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे विवादास्पद वीडियों को विपक्ष की साजिश बताया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की बात की है। वही जनता से इसपर विश्वास नहीं करने की अपील की है...
Nawada : भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से प्रसारित हो रहे एक विवादास्पद वीडियो पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और उनकी सामाजिक एवं राजनीतिक छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से सार्वजनिक किया गया है। उपाध्यक्ष ने दावा किया कि इस कृत्य के पीछे गहरी साजिश है, जिसका मकसद जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को कम करना है।
आधुनिक तकनीक 'AI' के दुरुपयोग का आरोप
भाजपा नेता ने तकनीकी पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी आवाज और चेहरे का इस्तेमाल कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए यह 'डीपफेक' वीडियो तैयार किया गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान दौर में तकनीक का सहारा लेकर किसी भी सम्मानित व्यक्ति को बदनाम करना आसान हो गया है। उन्होंने इसे न केवल व्यक्तिगत हमला, बल्कि तकनीकी सुरक्षा के लिए भी एक बड़ी चुनौती करार दिया।
विपक्षी दलों पर फोड़ा साजिश का ठीकरा
षड्यंत्र के पीछे के चेहरों पर निशाना साधते हुए जिला उपाध्यक्ष ने सीधा आरोप विपक्षी दलों पर लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जमीन खिसकती देख विपक्ष अब अनैतिक हथकंडों पर उतर आया है। नेता के अनुसार, जब विरोधी नीतिगत स्तर पर मुकाबला नहीं कर पाते, तो वे इस तरह के चरित्र हनन के प्रयासों का सहारा लेते हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक स्वस्थ संकेत नहीं बताया।
पार्टी स्तर पर होगी जांच और कड़ी कार्रवाई
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी इस प्रकरण को हल्के में नहीं लेगी। उन्होंने घोषणा की कि इस पूरे मामले की आंतरिक और कानूनी जांच कराई जाएगी। पार्टी उन तत्वों की पहचान कर रही है जिन्होंने इस वीडियो को सबसे पहले साझा किया और इसे बढ़ावा दिया। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
अंत में, भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने अपने समर्थकों और आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के भ्रामक वीडियो और दुष्प्रचार का शिकार न बनें। उन्होंने कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं। वे जल्द ही इस मामले में साइबर सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे ताकि इस डिजिटल अपराध की जड़ों तक पहुंचा जा सके और सच्चाई सबके सामने आ सके।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट