बिजली का करंट लगने से किसान की मौत: तीन दिन से लापता भरत चौधरी का शव खेत से हुआ बरामद, पुलिस जांच में जुटी

नवादा जिले में तीन दिन से लापता किसान की लाश उसके ही खेत से बरामद हुई है। जानकारी के अनुसार खेत में लगे फसल को जंगली सुअरों से बचाने के लिए लगाई गई बिजली की नंगी तार के चपेट में आने से करंट लगने से किसान की मौत हुई है......

बिजली का करंट लगने से किसान की मौत: तीन दिन से लापता भरत चौध
बिजली का करंट लगने से किसान की मौत- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले के काशीचक थाना क्षेत्र अंतर्गत भट्टा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में जंगली सुअरों को मारने के उद्देश्य से अवैध रूप से बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से 55 वर्षीय किसान भरत चौधरी की मौत हो गई। भरत चौधरी बीते 6 अक्टूबर की रात से रहस्यमय तरीके से लापता थे, जिनका शव तीन दिनों बाद गुरुवार को उनके ही खेत (आहर के पास) से बरामद किया गया। शव मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।


6 अक्टूबर की रात से लापता थे किसान 

मृतक की पहचान भट्टा गांव निवासी स्वर्गीय विशुन चौधरी के 55 वर्षीय पुत्र भरत चौधरी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, भरत चौधरी 6 अक्टूबर की रात खेत में मोटर चालू कर सिंचाई करने गए थे। मोटर चालू करने के बाद वे घर लौटे और फिर रात करीब 2:00 बजे दोबारा खेत और मोटर देखने निकले थे, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे। बुधवार (7 अक्टूबर) को परिजनों ने थाने में उनके लापता होने की लिखित सूचना दी थी।


पोस्टमार्टम के लिए शव पटना PMCH रेफर 

गुरुवार को शव मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और नवादा सदर अस्पताल भेजा। हालांकि, शव की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर पोस्टमार्टम व फोरेंसिक जांच के लिए शव को पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर कर दिया।


डीएसपी का बयान: हत्या और दुर्घटना दोनों पहलुओं पर जांच जारी 

मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी सुजय विद्यार्थी ने बताया कि किसान के गायब होने की सूचना 7 अक्टूबर को मिली थी। गुरुवार को खेत से उनका शव बरामद हुआ है। पुलिस करंट लगने से हुई मौत और हत्या के सभी संभावित कोणों को ध्यान में रखकर मामले की सघन जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

अमन सिन्हा की रिपोर्ट