Patna ghat station - आज से इतिहास के पन्नों में दफन हो जाएगा पटना घाट, ब्रिटिश काल में था व्यापार का प्रमुख केंद्र, अंतिम बार देखने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़
Patna ghat station - अंग्रेजों के शासन में व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा पटना घाट स्टेशन का आज से अंत हो गया। एक दशक पहले तक जहां ट्रेन आती थी, अब उस जगह फर्राटे से गाड़ियां दौड़ती हुई नजर आएगी।

PATNA - पटना सिटी इलाके में बना पटना घाट स्टेशन का अस्तित्व आज से खत्म हो जाएगा। 163 साल पुराने स्टेशन की जगह अब सरकार ने यहां फोरलेन सड़क के निर्माण का फैसला किया है। जिसका शिलान्यास आज सीएम नीतीश कुमार द्वारा किया जाएगा। वहीं पटना घाट को अंतिम बार स्टेशन के रुप में देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुट रही है। इनमें कईयों की इस स्टेशन घाट से यादें जुड़ी हुई है। जो स्टेशन के साथ ही खत्म हो जाएगी।
पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख व्यापारिक केंद्र
पटना घाट स्टेशन को अंग्रेजों ने 1862 में स्थापित किया था। यानि की भारत में रेलसेवा शुरू होने के लगभग एक दशक बाद। इस रेलवे स्टेशन से मारूफगंज की मंडी के लिए माल की आपूर्ति के साथ-साथ देश और विदेश के लिए यहां से वस्तुओं का आयात और निर्यात भी किया जाता था। इस कारण ही मुगलकालीन मंडी मारूफगंज को अंग्रेजों ने भी और मजबूत किया, ताकि गंगा नदी के साथ रेल के माध्यम से भी व्यापार आसानी से किया जा सके।
जिसके कारण राजधानी के पूर्वी पटना स्थित पटना घाट रेलवे स्टेशन मुगलकाल और ब्रिटिशकाल में देश के प्रमुख सांस्कृतिक, व्यापारिक और राजनीतिक केंद्रों में स्थापित हो गया।
समय के साथ खत्म हो गई अहमियत
समय के साथ व्यपार के तरीके में बदलाव के कारण इस स्टेशन की अहमियत खत्म होती गयी अब करीब 1 दशक से भी अधिक समय से ये बंद पड़ा है। लालू प्रसाद के रेल मंत्रित्व काल में एक बार दीघा घाट से पटना घाट मेमू ट्रेन चलाया गया था, ताकि इसके वजूद को कायम रखा जा सके। लेकिन फिर इसे भी बंद कर दिया गया। हालांकि अब भी स्टेशन पर प्लेटफार्म और पुरानी पटरियां मौजूद थी। साथ ही स्टेशन का बोर्ड भी था। स्थानीय लोगों के लिए यह मार्निंग वॉक का जगह बन गया, जहां इस वीरान पड़े रेलवे स्टेशन पर सुबह-शाम टहलने को आते हैं
अब जेपी गंगा पथ का हिस्सा
दीघा घाट स्टेशन की तरह अब पटना घाट पर भी नीतीश सरकार ने सड़क निर्माण कराने का फैसला लिया है। जो जेपी गंगा पथ को पटना साहिब से सीधा जोड़ेगा। लगभग डेढ़ किलोमीटर की सड़क सहित फ्लाई ओवर का निर्माण इसपर होना है।मालसलामी के पास एप्रोच रोड बनाने के लिए लगभग 14 .5 एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाना है। जेपी सेतु से मालसलामी अशोक राजपथ की सड़क को दोनो साइड जोड़ने आने जाने के लिए एप्रोच रोड बनना है ,लेकिन जैसे ही यह मालसलामी थाना के पास पहुचेगा यही से यह सड़क फ्लाई ओवर में तबदील हो जाएगा जो पटना साहिब स्टेशन तक चला जायेगा।
REPORT - RAJNISH