Bihar Teacher News : शिक्षक हितों को लेकर आनंद पुष्कर ने की शिक्षा मंत्री से मुलाकात, अल्पसंख्यक शिक्षकों के वेतन और प्रोन्नति पर की कार्रवाई की मांग
PATNA : बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एन.डी.ए. के पूर्व प्रत्याशी ई. आनंद पुष्कर ने आज बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से मुलाकात कर राज्य के माध्यमिक और उच्चत्तर माध्यमिक शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं पर एक मांगपत्र सौंपा। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अराजकीय अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को राजकीयकृत विद्यालयों के विशिष्ट शिक्षकों के समान सुविधाएं देने और शिक्षकों की प्रोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया को तेज करने की पुरजोर वकालत की।
ई. आनंद पुष्कर ने शिक्षा मंत्री से लिखित मांग की है कि बिहार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अराजकीय अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी राजकीय/राजकीयकृत विद्यालयों के विशिष्ट शिक्षकों की तर्ज पर वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सभी वित्तीय सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि समान कार्य के लिए समान सम्मान और आर्थिक लाभ मिलना इन शिक्षकों का संवैधानिक अधिकार है, ताकि उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो सके।
इसके अतिरिक्त, पत्र में शिक्षकों की 'स्वस्थानिक प्रोन्नति' का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पुष्कर ने मांग की कि स्थानीय निकाय के माध्यमिक शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों (9-10) को उच्चत्तर माध्यमिक वर्ग (11-12) में, तथा उच्चत्तर माध्यमिक शिक्षकों (11-12) को 'वरीय उच्चत्तर माध्यमिक शिक्षक' के पद पर अविलंब पदोन्नत किया जाए। उन्होंने सेवाशर्त नियमावली-2020 का हवाला देते हुए अनुभवी शिक्षकों को प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति देने और उनके वेतन निर्धारण (फिक्सेशन) के साथ बकाया भुगतान की भी मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने आनंद पुष्कर द्वारा दिए गए पत्र पर तुरंत संज्ञान लेते हुए विभाग को प्रोन्नति के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने अल्पसंख्यक विद्यालयों के शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
पुष्कर ने जोर देकर कहा कि इन प्रक्रियाओं के लिए राज्य स्तर पर एक 'डेडलाइन' तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्पष्ट विभागीय निर्देश के बिना जिलों में काम की गति धीमी रहती है, इसलिए समय सीमा के भीतर प्रोन्नति और फिक्सेशन का काम पूरा कर शिक्षकों को वास्तविक आर्थिक लाभ दिया जाना चाहिए। इस मुलाकात के दौरान उनके साथ बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व संयुक्त सचिव राजीव कुमार सिंह भी उपस्थित थे।