Bihar Math And Temple: बिहार के मठ मंदिर से जुड़े जमीन का ब्यौरा अब यहां देखें,5 हजार मठों के पास है 28 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन
बिहार सरकार मठ और मंदिर की जमीन का पूरा ब्योरा ऑनलाइन करने जा रही है। जानें, किस मंदिर और मठ के पास कितनी जमीन है और इस पोर्टल से क्या फायदे होंगे।"

Bihar math mandir jameen: बिहार सरकार ने मठ और मंदिर की जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की पहल शुरू की है। जल्द ही एक पोर्टल तैयार किया जाएगा, जहां राज्यभर के सभी मठ और मंदिरों की जमीन की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।इस पोर्टल पर मठ-मंदिरों की भूमि का स्थान, चौहद्दी, और स्वामित्व से संबंधित पूरी जानकारी अपलोड की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक संपत्तियों पर अतिक्रमण और अवैध खरीद-बिक्री को रोकना है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस पोर्टल को विकसित करने के लिए विधि विभाग से सहमति मांगी है।
क्यों जरूरी है यह पोर्टल?
बिहार में कई मठों और मंदिरों की जमीन पर अवैध कब्जे और अनियमित बिक्री के मामले सामने आ रहे हैं।
अतिक्रमण पर रोक: डिजिटल रिकॉर्ड होने से धार्मिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करना आसान होगा।
गलत तरीके से बिक्री रुकेगी: पंजीकृत डेटा से फर्जी दस्तावेज बनाकर मंदिर की संपत्ति बेचने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
पब्लिक एक्सेस: आम नागरिक भी देख सकेंगे कि किस मंदिर या मठ के पास कितनी जमीन है और वह कहां स्थित है।
धार्मिक संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य: इससे सभी मंदिरों और मठों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होगा।
बिहार में मठ-मंदिरों के पास कितनी जमीन?
बिहार में कुल 5777 पंजीकृत और गैर-पंजीकृत मठ-मंदिर हैं, जिनके पास 28,672 एकड़ जमीन है।
मठ-मंदिर का प्रकार संख्या कुल जमीन (एकड़ में)
पंजीकृत मठ-मंदिर 2499 18,456 एकड़
गैर-पंजीकृत मठ-मंदिर 2512 4,321 एकड़
कुल मठ-मंदिर 5777 28,672 एकड़
जिलेवार मठ-मंदिर और उनकी जमीन का विवरण
जिला मठ-मंदिर की संख्या जमीन (एकड़ में)
मोतिहारी 137 5,874
पटना 241 365.08
लखीसराय 57 934.58
औरंगाबाद 68 347.76
मधुबनी 163 2,385.2
बांका 92 403
सहरसा 89 866.45
भोजपुर 124 394.28
सारण 360 359.28
गया 258 849.58
सीवान 155 457.98
जहानाबाद 79 110.29
वैशाली 517 820.94
कैमूर 329 1,469.63
खगड़िया 143 1,258.54
क्या होगा इस पोर्टल का फायदा?
पारदर्शिता: मठ-मंदिरों की जमीन का पूरा विवरण सार्वजनिक होगा।
अतिक्रमण रोकथाम: भूमि कब्जाने वालों की पहचान आसान होगी।
कानूनी सुरक्षा: अवैध तरीके से जमीन की बिक्री पर रोक लगेगी।
सरकार को निगरानी में मदद: सभी धार्मिक संपत्तियों की मॉनिटरिंग आसान होगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग जल्द ही इस पोर्टल को लॉन्च करने की प्रक्रिया में है और इसके लिए कानूनी सहमति मांगी गई है।