Bihar Politics: यादवों में ज्यादा लुच्चा लफंगा.... मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के विवादित बोल पर गर्माई बिहार की राजनीति, सियासत में भाषाई मर्यादा के पतन की पढ़िए पूरी स्टोरी

Bihar Politics: बिहार की राजनीति इन दिनों अपनी गरिमा खोती जा रही है, जहाँ जनप्रतिनिधियों के जुबान से निकलते शब्द लोकतंत्र की शालीनता पर बड़ा सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। ...

Bihar minister controversial remark sparks political row
यादवों में ज्यादा लुच्चा लफंगा.... मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा- फोटो : reporter

Bihar Politics: बिहार की राजनीति इन दिनों अपनी गरिमा खोती जा रही है, जहाँ जनप्रतिनिधियों के जुबान से निकलते शब्द लोकतंत्र की शालीनता पर बड़ा सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। जमुई, समस्तीपुर और बांका में हुई छेड़छाड़ की घटनाओं को लेकर जहाँ एक तरफ विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग तेज है, वहीं दूसरी तरफ नेताओं के बयानबाजी के स्तर ने राजनीतिक संस्कृति को शर्मसार कर दिया है। आरोपों-प्रत्यारोपों के इस दौर में अब राजनीतिक दल अपनी सीमाओं को लांघकर व्यक्तिगत और जातिगत टिप्पणियों पर उतर आए हैं, जिसे राजनीतिक पंडित स्वस्थ लोकतंत्र के लिए एक चिंताजनक संकेत मान रहे हैं।

मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का विवादित बयान

बांका और जमुई-समस्तीपुर की घटनाओं और वायरल वीडियो को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच, बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने एक बेहद विवादित बयान देकर नए विवाद को जन्म दे दिया है। एक बातचीत के दौरान मंत्री ने यादव समाज पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि इस जाति के लोगों में 'लुच्चा-लफंगा' प्रवृत्ति के लोग ज्यादा होते हैं और जेलों में भी सबसे अधिक इसी समुदाय के लोग बंद हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के उस पुराने बयान का भी समर्थन किया, जिसमें जेलों में कैदियों की जातिगत संख्या को लेकर सवाल उठाए गए थे।

हालाँकि, एक तरफ जहाँ उन्होंने यह आपत्तिजनक टिप्पणी की, वहीं दूसरी तरफ यह भी जोड़ा कि 'लुच्चा-लफंगे' की कोई जाति नहीं होती। इसके बावजूद, एक जिम्मेदार पद पर बैठे राजनेता द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग राजनीतिक हलकों में तीखी आलोचना का केंद्र बन गया है।

वीडियो वार और सत्ता-विपक्ष की रस्साकशी

मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल पर जमुई की नाबालिग पीड़िता की तस्वीर साझा किए जाने को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। इस पर बचाव की मुद्रा में नजर आए मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद राष्ट्रीय जनता दल  द्वारा सरकार को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश के तहत फैलाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वीडियो वायरल किया जा रहा है, लेकिन सच्चाई सामने आने पर सब कुछ टांय-टांय फिस्स हो जाएगा।

वहीं, पुलिस के इकबाल और कानून-व्यवस्था के सवाल पर मंत्री ने दोटूक अंदाज में कहा कि कानून तोड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे और जो अपराध करेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई तय है।

राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन जब बात भाषा की मर्यादा और सामाजिक सौहार्द की आती है, तो नेताओं को संयम बरतने की आवश्यकता होती है। इस तरह के बयानों से न केवल राजनीतिक स्तर गिरता है, बल्कि जनता के बीच भी गलत संदेश जाता है।

हीरेश कुमार