Bihar Transport: बिहार में परिवहन की नई शुरुआत, 87 नई बस रूटों को मिली हरी झंडी
Bihar Transport: बिहार सरकार ने परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ने के लिए 87 नए बस रूटों को मंजूरी दी गई है। इससे आम लोगों को यात्रा में बड़ी सहूलियत मिलने वाली है।

बिहार में अब बसों की आवाजाही सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। परिवहन विभाग ने पूरे राज्य में 87 नए रूटों की मंजूरी दी है, जिनपर जल्द ही निजी और सरकारी बसें दौड़ने लगेंगी। इन रूटों को इस तरह से तय किया गया है कि गांवों और कस्बों से सीधे जिला मुख्यालयों और प्रमुख शहरों तक कनेक्टिविटी हो सके।
यह कदम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य के दूरदराज़ इलाकों को भी मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल के मुताबिक, इन रूटों की स्वीकृति के बाद अब बस ऑपरेटरों को परमिट जारी कर दिया गया है और जल्द ही यात्रियों को इन मार्गों पर सेवा मिलने लगेगी।
किन रूटों पर चलेंगी नई बसें?
नई बस सेवाओं के प्रस्ताव में पटना से दरभंगा, पूर्णिया, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, समस्तीपुर, मधुबनी, बेगूसराय, फारबिसगंज, किशनगंज जैसे बड़े शहरों तक के रूट शामिल हैं। इनमें से कई रूट पहले से अस्तित्व में थे, लेकिन अब इन्हें और व्यवस्थित व नियमित रूप से चलाने की योजना है।
हर रूट पर यात्रियों की संख्या, दूरी, सड़क की स्थिति और स्टॉपेज की उपलब्धता को ध्यान में रखकर परमिट जारी किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से हर दिन बड़ी संख्या में लोग पढ़ाई, इलाज या रोजगार के लिए शहरों का रुख करते हैं, ऐसे में इन बसों से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
परिवहन मंत्री का बयान
परिवहन मंत्री शीला मंडल ने कहा कि "हमारा लक्ष्य है कि बिहार में कोई भी व्यक्ति केवल दूरी की वजह से सुविधाओं से वंचित न रहे। नई बस सेवाएं सामाजिक और आर्थिक जुड़ाव को और मज़बूत करेंगी।"
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले महीनों में और भी जिलों को नए रूट से जोड़ा जाएगा, और बस सेवाओं की निगरानी के लिए एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया जाएगा।
लोगों को क्या फायदा होगा?
- ग्रामीण इलाकों से शहरों तक सीधी बस सेवा
- समय और किराया दोनों की होगी बचत
- चिकित्सा, शिक्षा और रोज़गार के लिए आसान सफर
- भीड़भाड़ वाले रूटों पर वैकल्पिक साधन की सुविधा