Bihar Cabinet : बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को मंत्रिमंडल विस्तार कर रहे हैं. 7 चेहरों को भाजपा कोटे से मंत्री बनाया जा रहा है जिनका शपथ शाम 4 बजे होगा. बिहार में नीतीश मंत्रिमंडल में वर्तमान में 29 मंत्री हैं, जिसमें बीजेपी के 14, जदयू के 13, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के 1 और 1 निर्दलीय शामिल हैं. बिहार में अधिकतम 36 मंत्री बन सकते हैं. ऐसे में अब मंत्रिमंडल में 7 मंत्रियों की एंट्री होगी. संयोग से इस बार जिन नेताओं को मंत्री बनाया जा रहा है वे सभी भाजपा कोटे से हैं. ऐसे में अब नीतीश मत्रिमंडल में भाजपा कोटे से कुल 21 मंत्री हो जाएंगे. वहीं जदयू के सिर्फ 13 मंत्री रहेंगे.
इन्हें बनाया जा रहा मंत्री
मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं में रीगा (सीतामढ़ी) से विधायक मोतीलाल प्रसाद हैं जो वैश्य समाज से आते हैं. सिकटी (अररिया) से भाजपा विधायक विजय मंडल हैं जो अति पिछड़ा समाज से हैं. वहीं साहेबगंज से विधायक राजू सिंह भी मंत्री बनेंगे. वे राजपूत जाति से हैं. अमनौर से भाजपा विधायक कृष्ण कुमार मंटू को भी मंत्री बनाया जाएगा. वे कुर्मी जाति से हैं और हाल ही में पटना में कुर्मी समाज की एक बड़ी रैली की थी. जाले से भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा को फिर से मंत्री बनाया जाएगा. वे भूमिहार जाति से आते हैं और पहले भी मंत्री रह चुके हैं. इसी तरह संजय सरावगी दरभंगा से विधायक हैं. वे मारवाड़ी समुदाय से हैं.
यादव से कोई मंत्री नहीं
बिहार में जातिगत रणनीति साधने के लिहाज से इस मंत्रिमंडल विस्तार को अहम माना जा रहा है. लेकिन इसमें यादव जाति से किसी भी नेता को मंत्री नहीं बनाया जा रहा है. इतना ही नहीं भाजपा कोटे से न तो पिछले वर्ष जनवरी 2024 में किसी यादव को मंत्री बनाया गया था और ना ही अब बनाया जा रहा है. अब इसे लेकर सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर एक ओर लालू यादव जिस यादव जाति को अपने कोर वोट बैंक के रूप में पेश करते हैं उसमें सेंधमारी करने के लिए भाजपा कोशिश क्यों नहीं करती?
यादव जनसंख्या सबसे ज्यादा
बिहार में जाति गणना 2022 के अनुसार हिंदुओं में यादव जाति की आबादी सबसे ज्यादा है. यादवों की आबादी 14.26 फीसदी है. वहीं वर्ष 2020 में यादव जाति से 52 विधायक बने थे. वहीं 2015 में 61 विधायक यादव जाति से जीते थे. ऐसे में जिन यादवों की सबसे ज्यादा संख्या है. उनमें से किसी को भाजपा कोटे से मंत्री नहीं बनाना बड़ा आश्चर्य बना हुआ है. वहीं जदयू कोटे से विजेंद्र प्रसाद यादव मंत्री हैं.
मुसलमान को जगह नहीं
न सिर्फ यादव बल्कि भाजपा कोटे से किसी भी मुसलमान को मंत्री नहीं बनाया गया है. बिहार सरकार के जातिगत सर्वे के आंकड़े के मुताबिक़ बिहार की कुल आबादी 13 करोड़ है. इसमें 81.99 फ़ीसदी हिंदू और 17.70 फ़ीसदी मुसलमान हैं.वहीं 2020 में 19 मुस्लिम विधायक जीतकर आए. 2015 में नीतीश-लालू एक साथ थे तो मुस्लिम विधायकों की संख्या 24 पहुंच गई थी. हालाँकि भाजपा कोटे से किसी भी मुसलमान को मंत्री नहीं बनाया गया है.
एक साल में तीसरी बार विस्तार
दरअसल, 243 सदस्यीय विधानसभा में 36 मंत्री हो सकते हैं. वर्तमान में इसमें 30 मंत्री हैं, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दो उपमुख्यमंत्री शामिल हैं. बिहार की एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल का आखिरी विस्तार 15 मार्च, 2024 को हुआ था, जब 21 मंत्रियों ने शपथ ली थी. इसमें नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) से नौ और सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से 12 को मंत्री के रूप में शामिल किया गया था. इसके पहले 28 जनवरी, 2024 को नीतीश कुमार महागठबंधन से नाता तोड़कर भाजपा के साथ वापस चले गए थे और मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उसके 46 दिन बाद नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था. अब करीब 13 महीने बाद फिर से नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही है.