Waqf Amendment Bill 2025: BJP नेता शाहनवाज हुसैन वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने पर मिल रही जान से मारने धमकी, कहा-' धमकियों से डरने वाला नहीं'
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन को वक्फ संशोधन बिल 2025 के समर्थन को लेकर धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

BJP spokesperson Shahnawaz Hussain: भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन इन दिनों वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने न केवल इस बिल का खुलकर समर्थन किया, बल्कि सोशल मीडिया पर हो रहे आलोचना और धमकियों का भी मजबूती से सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये धमकियां उन्हें सच्चाई बोलने से नहीं रोक सकतीं।
शाहनवाज हुसैन ने मीडिया को बताया कि फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल प्लेटफॉर्म्स पर उन्हें गालियां दी जा रही हैं और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि यह सब उन्हें डराने के लिए किया जा रहा है, पर वे झूठ और भ्रम के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।
धमकी और भ्रम के बीच शाहनवाज हुसैन का दो टूक जवाब
शाहनवाज हुसैन ने अपना पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि "मैं भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता हूं और मेरा काम है सरकार की बात को जिम्मेदारी से रखना।" उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं, और इन्हीं अफवाहों के माध्यम से उन्हें टारगेट किया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं इन धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। मैं पहले भी CAA पर खड़ा रहा और अब भी सच्चाई के साथ खड़ा हूं। यह बयान न केवल उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वे राजनीतिक विवादों में भी संविधानिक प्रक्रिया और लोकतांत्रिक बहस के पक्षधर हैं।
सीएए विवाद का उदाहरण देकर शाहनवाज हुसैन ने दिलाई याद
अपने बयान में हुसैन ने सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) को लेकर हुए पुराने विवाद की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि उस समय भी उन पर और सरकार पर झूठे आरोप लगाए गए, लेकिन बाद में कोई मुस्लिम नागरिकता से वंचित नहीं हुआ।
उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए पूछा कि CAA से मुसलमानों की नागरिकता कहां गई?इसके साथ ही उन्होंने शाहीनबाग आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी “बिरयानी-कोरमा” के नाम पर आंदोलन को प्रचारित किया गया था। उनका उद्देश्य यह समझाना था कि राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गलतफहमी फैलाकर समाज को भटकाने की कोशिश की जाती है।
शाहनवाज हुसैन की प्रतिक्रिया का राजनीतिक और सामाजिक महत्व
इस पूरे घटनाक्रम में शाहनवाज हुसैन का बयान सिर्फ एक राजनेता की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह उन राजनीतिक मूल्यों और सिद्धांतों की झलक देता है, जिसमें नेता को सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है।यह स्टैंड आने वाले समय में भाजपा के अल्पसंख्यक चेहरे के तौर पर उनकी भूमिका को और मजबूत कर सकता है।