बिहार में बदलेगी चित्रगुप्त पूजा की छुट्टी की तारीख, इस दिन होगा पूजन, आराधना में जरुर करें यह काम

दू मान्यताओं के अनुसार भगवान चित्रगुप्त को यमराज का लेखाधिकारी माना जाता है। वे मनुष्य के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं और मृत्यु के बाद उसके अच्छे-बुरे कर्मों के आधार पर न्याय की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Chitragupta Puja Holiday in Bihar
Chitragupta Puja Holiday in Bihar - फोटो : news4nation

Chitragupta Puja :  बिहार में चित्रगुप्त पूजा की छुट्टी की तारीख बदल जाएगी। राज्य सरकार की अवकाश तालिका में 10 नवंबर को निर्धारित छुट्टी अब 11 नवंबर को हो सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बदलाव के आग्रह पर सहमति जताई है। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अवकाश की तिथि में संशोधन करने का अनुरोध किया था।


प्रो. रणबीर नंदन ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें बताया गया कि राज्य सरकार की ओर से जारी अवकाश कैलेंडर में चित्रगुप्त पूजा की छुट्टी 10 नवंबर को निर्धारित की गई है, जबकि पंचांग और उदया तिथि के अनुसार इस वर्ष पूजा 11 नवंबर को मनाई जाएगी।


उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि भगवान चित्रगुप्त का पूजनोत्सव कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया यानी यम द्वितीया को होता है। इस वर्ष यह तिथि 11 नवंबर को पड़ रही है। ऐसे में सरकारी अवकाश भी उसी दिन घोषित किया जाना उचित होगा, ताकि लोग परंपरा और धार्मिक मान्यता के अनुसार पर्व मना सकें।


मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छुट्टी की तारीख बदलने के आग्रह पर सहमति जताई। इसके बाद प्रो. रणबीर नंदन ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का आमंत्रण स्वीकार करने के लिए भी धन्यवाद दिया। हालांकि, अवकाश की तिथि में बदलाव को लेकर औपचारिक सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद ही इसकी अंतिम पुष्टि होगी।


क्यों मनाई जाती है चित्रगुप्त पूजा?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान चित्रगुप्त को यमराज का लेखाधिकारी माना जाता है। वे मनुष्य के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं और मृत्यु के बाद उसके अच्छे-बुरे कर्मों के आधार पर न्याय की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कायस्थ समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्तिक शुक्ल द्वितीया को उनकी पूजा करते हैं। इस दिन कलम, दवात और बही-खातों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि चित्रगुप्त की आराधना से ज्ञान, बुद्धि और लेखन कार्य में सफलता मिलती है।