Bihar News: बिहार के किसानों को अब मिलेगी डिजिटल पहचान, किसान रजिस्ट्री शिविर का हुआ आयोजन

Bihar News: पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सालाना ₹6000 की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में जाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से कम ब्याज पर आसान ऋण सुविधा किसानों को मिलेगी।

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किसानों को मिलेगी डिजिटल पहचान - फोटो : social media

Bihar News:  नवादा जिला प्रशासन ने किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ दिलाने के उद्देश्य से नई पहल शुरु की है। जिसे के सदर अंचल में विशेष किसान पंजीकरण (Farmer Registry) शिविर का आयोजन किया गया। बुधवार को जिलाधिकारी रवि प्रकाश के निर्देश पर अंचल अधिकारी दीपेश कुमार की देखरेख में जैसिन बीघा में शिविर लगाया गया। जहां बड़ी संख्या में किसानों ने पहुंचकर अपना पंजीकरण कराया।

किसानों का बनेगा यूनिक डिजिटल फार्मर आईडी

यह अभियान बिहार सरकार के एग्रीस्टैक (AgriStack) प्रोजेक्ट के तहत 6 से 9 जनवरी 2026 तक मिशन मोड में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक किसान को एक यूनिक डिजिटल फार्मर आईडी उपलब्ध कराना है। जो आधार कार्ड की तरह कार्य करेगी। इस आईडी के जरिए किसान एक ही प्लेटफॉर्म से सभी कृषि संबंधी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।

फार्मर आईडी होगा जारी 

शिविर में किसानों का ई-केवाईसी किया जा रहा है और भूमि सत्यापन के बाद फार्मर आईडी जारी की जा रही है। अंचल अधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि पंजीकरण पूरा होने के बाद किसानों को बार-बार अलग-अलग योजनाओं के लिए दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

फार्मर आईडी से मिलने वाले प्रमुख लाभ

पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सालाना ₹6000 की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में जाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से कम ब्याज पर आसान ऋण सुविधा किसानों को मिलेगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत प्राकृतिक आपदा में त्वरित मुआवजा दिया जाएगा। बीज और खाद पर सब्सिडी के लिए डीबीटी के माध्यम से सीधा लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा आपदा राहत, कृषि ऋण और बाजार से जुड़ी जानकारी भी आसानी से उपलब्ध होगी।

प्रशासन ने की किसानों से अपील 

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे आधार कार्ड, जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी), बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर साथ लेकर शिविर में पहुंचें। किसान चाहें तो ऑनलाइन माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि यह पहल न केवल किसानों को सशक्त बनाएगी, बल्कि कृषि योजनाओं में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी प्रभावी रोक लगाएगी। जिले में अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए आगे भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।