Bihar Budget Session: 'सदन में आकर मांफी मांगे तेजस्वी', कार्यवाही शुरु होते ही भारी बवाल, तख्ती लेकर खड़ा हुआ पूरा पक्ष-विपक्ष, हाय-हाय के लगे नारे
Bihar Budget Session: सदन शुरु होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता आपस में भिड़ गए। पक्ष विपक्ष के बीच जमकर बवाल होगा। सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि सदन में तेजस्वी आकर मांफी मांगे। सत्ता पक्ष ने राजद को दलित विरोधी बताया
Bihar Budget Session: बिहार विधानमंडल का बजट सत्र जारी है। सदन की कार्यवाही शुरु होते ही भारी बवाल शुरु हो गया। पक्ष और विपक्ष के नेता हाथों में तख्ती लेकर बवाल काटने लगे वहीं अध्यक्ष सभी से शांत रहने और बैठ जाने की अपील करते रहे लेकिन किसी ने भी बात नहीं सुनी। सभी ने जमकर बवाल काटा। भारी हंगामे के बीच सदन में प्रश्नकाल शुरु हुआ। दोनों ओर से नेता लगातार हंगामा कर रहे थे वहीं विधानसभा अध्यक्ष बार बार बैठने की अपील कर रहे थे। अध्यक्ष की बातों को अनसुनी कर सदस्य लगातार हंगामा कर रहे थे इस दौरान सदन में हाय-हाय के नारे लगे।
सदन में भारी बवाल
दरअसल, सदन शुरु होते ही लोजपा(रा) के विधायक दल के नेता राजू तिवारी खड़े हुए और कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उनके नेता रामविलास पासवान को लेकर विवादित बयान दिया है। इसके लिए वो सदन में आएं और सबके सामने माफी मांगे। राजू तिवारी के इतना कहते ही विपक्ष के नेता हाथों में तख्ती लेकर खड़ा हो गए। वहीं पक्ष के लोग भी हाथों में तख्ती लेकर खड़ा हो गए और दोनों के बीच जबरदस्त बवाल देखने को मिला।
रामविलास को लेकर भारी हंगामा
बता दें कि, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) रामविलास के विधायकों ने सोमवार को विधानसभा के भीतर जोरदार प्रदर्शन किया और हंगामा किया। पार्टी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और दलित समाज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
पक्ष विपक्ष आपस में भिड़े
लोजपा(रा) विधायकों का कहना था कि रामविलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल असम्मानजनक है। उन्होंने सदन में विरोध दर्ज कराते हुए सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। इस दौरान यह भी कहा गया कि जब रामविलास पासवान चुनाव हार गए थे, तब लालू प्रसाद यादव ने ही उन्हें राज्यसभा भेजा था। इस बयान को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया।