Tejashwi Yadav News: 25 जनवरी को लगी चोट, 1 फरवरी को दी जानकारी, क्या विधानसभा सत्र से बचना चाहते हैं तेजस्वी?

Tejashwi Yadav News: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर सवालों के घेर में हैं। तेजस्वी यादव की चोट की जानकारी देरी से और बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले देने को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं।

तेजस्वी यादव
विधानसभा सत्र से बच रहे तेजस्वी? - फोटो : social media

Tejashwi Yadav News:  बिहार की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा के बजट सत्र में शामिल नहीं होंगे या होंगे इसको लेकर चर्चाएं तेज है। दरअसल, आज यानी 2 फरवरी से बिहार विधानमंडल का बजट सत्र शुरु होने वाला है। वहीं 1 फरवरी की शाम करीब 8 बजे राष्ट्रीय जनता दल के आधिकारिक वेबसाइट से एक जानकारी साझा की जाती है, जिसमें बताया जाता है कि तेजस्वी यादव के पैर में चोट लग गई है और वो स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। हालांकि जानकारी ये भी दी गई है कि तेजस्वी को चोट 25 जनवरी को लगी थी। अब इस ट्विट ने सियासी गलियारों में बवाल मचा दिया है। इस देरी के बाद अब सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या तेजस्वी यादव विधानसभा सत्र से दूरी बनाए रखना चाहते हैं?

चोट की जानकारी देरी से क्यों?

बता दें कि, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन भी तेजस्वी ना तो राबड़ी आवास में दिखे थे और ना ही अपने सरकारी आवास पर मौजूद थे। उनके आवास पर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने झंडोत्तोलन किया था। जिसके बाद भी सवाल खड़े हो रहे थे कि आखिर तेजस्वी अपने आवास पर झंडोत्तोलन करने क्यों नहीं पहुंचे? तेजस्वी कहां हैं? तब राजद की ओर से कोई जानकारी साझा नहीं की गई। ऐसे में सवाल ये भी खड़े हो रहे हैं कि यदि तेजस्वी को चोट लगी थी तो ये जानकारी राजद ने 26 जनवरी को क्यों नहीं दी? जब तेजस्वी कहां हैं इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे थे तो राजद की ओर से यही सूचना तब क्यों नहीं दी गई? साथ ही ये भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि अब बजट सत्र शुरु होने के ठीक एक दिन पहले यह जानकारी क्यों साझा की गई? आखिर इसके पीछे के मायने क्या है? क्या वास्तव में तेजस्वी यादव बजट सत्र से बचना चाहते हैं?

पिछले सत्र से भी गायब हुए थे तेजस्वी 

बिहार विधानसभा सत्र के दौरान तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पहले से ही विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है। ऐसे में चोट लगने की जानकारी सत्र शुरू होने के ठीक एक दिन पहले देना कई सवालों को जन्म दे रहा है। तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद आयोजित हुए सत्र में भी दो दिन के बाद गायब रहे। तेजस्वी 5 दिवसीय सत्र के पहले और दूसरे दिन मौजूद रहें। लेकिन उसके बाद नदारद रहे। तेजस्वी राज्यपाल के अभिभाषण में भी मौजूद नहीं रहे जिससे सवाल खड़े हुए। वहीं अब एक बार फिर सत्र के पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि तेजस्वी बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे।  

सत्र के दौरान लगातार गैरहाजिर

तेजस्वी यादव अक्सर विधानसभा सत्र के दौरान अनुपस्थित रहते हैं। इसे लेकर पहले भी भाजपा और जदयू नेताओं की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। अब चोट की जानकारी देर से सामने आने के बाद फिर फुसफुसाहट शुरू हो गई है कि क्या यह सत्र से बचने की रणनीति का हिस्सा है। राजद की ओर से 1 फरवरी को किए गए ट्वीट में तेजस्वी यादव के चोटिल होने और डॉक्टरों की सलाह पर आराम करने की बात कही गई। हालांकि, 25 जनवरी को चोट लगने और सात दिन बाद इसकी जानकारी देने को लेकर राजनीतिक हलकों में संदेह जताया जा रहा है।

राजनीतिक संदेश या संयोग?

विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा के बजट सत्र जैसे अहम समय में नेता प्रतिपक्ष अगर गैरहाजिर रहते हैं तो यह अपने आप में एक राजनीतिक संदेश देती है। चोट वास्तविक है या नहीं, इस पर सवाल नहीं उठाए जा रहे, लेकिन जानकारी देर से साझा करने का समय जरूर संदेह पैदा करता है। अब देखना यह होगा कि तेजस्वी यादव आज से शुरु हो रहे विधानमंडल के बजट सत्र में पहुंचते हैं या नहीं। इन सवालों  का स्पष्ट जवाब तो अब तेजस्वी की उपस्थिति ही दे सकती है।