Bihar Teacher Transfer Posting: सदन में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर JDU MLC ने अपने ही सरकार से किया सवाल तो मंत्री ने ली चुटकी, फिर जमकर लगे ठहाके...
Bihar Teacher Transfer Posting: सदन में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर जदयू एमएलसी ने अपने ही सरकार पर सवाल खड़ा किया जिसका जवाब जदयू मंत्री ने दिया जिसके बाद सदन में जमकर ठहाके लगे...

Bihar Teacher Transfer Posting: विधानपरिषद में आज ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर सदन में JDU MLC अपने ही सरकार से भिड़ गए। जदयू एमएलसी ने सदन में ट्रांसफर पोस्टिंग में भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर पोस्टिंग में केवल पत्नियों को तरजीह दी गई है, पतियों का ट्रांसफर नहीं किया गया है। वहीं जदयू एमएलसी के इस बयान पर जदयू के ही मंत्री ने चुटकी ले ली। जिसके बाद सदन में जमकर ठहाके लगे।
जदयू एमएलसी ने उठाया सवाल
दरअसल, बीते दिन शिक्षकों का ट्रांसफर पोस्टिंग हुआ, जिसको लेकर सदन में आज जदयू एमएलसी संजय कुमार सिंह ने अपने ही सरकार को सवाल के घेरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि, ट्रांसफर पोस्टिंग में लिंग भेदभाव किया गया है। सिर्फ पत्नियों का तबादला किया गया है, पतियों का तबादला नहीं किया गया है।
मंत्री ने ली चुटकी
JDU MLC की बात को सुनते ही जदयू कोटे से बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी खड़े हो गए। विजय चौधरी ने माजाकिया लहजे में कहा कि, जब पत्नियों को ही पति के पास भेज दिया गया है तो फिर अब पति को कहां भेजे। मंत्री की बात सुनते ही सदन में जोरदार ठहाके लगे। सदन में मौजूद सभी सदस्य हंसने लगे।
शिक्षकों का हुआ ट्रांसफर पोस्टिंग
बता दें कि, शिक्षा विभाग ने सोमवार को राज्य के दस हजार, 225 शिक्षकों को उनकी इच्छा अनुसार जिलों में स्थानांतरित कर दिया है। इनमें 2953 पुरुष और 7272 महिला शिक्षक शामिल हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सोमवार को अपनी अधिसूचना जारी कर दी है। शिक्षा विभाग की इस बैठक की अध्यक्षता शिक्षा सचिव अजय यादव ने की।स्थानांतरित किए गए शिक्षकों ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से अपने मनपसंद जिलों में अपने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था।
इतने शिक्षकों का हुआ ट्रांसफर
विभाग ने शिक्षकों की इच्छा अनुसार तबादले के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दो-शपथ पत्र अपलोड कर आवेदन देने का निर्देश जारी किया था। अब स्थानांतरित शिक्षकों की पदस्थापना के लिए उनके जिलों के सरकारी स्कूल आवंटित किए जाएंगे। साथ ही स्थानांतरित किए गए किसी भी शिक्षक द्वारा ई-पोर्टल कोष पर दी गई किसी भी सूचना को गलत पाया जाता हैै तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी।
पहले चरण में 47 नियमित शिक्षकों का किया गया था तबादला
गौरतलब है कि विभाग द्वारा जनवरी में पहले चरण के तहत गंभीर रोगों से ग्रसित 47 नियमित शिक्षकों का तबादला किया गया था। इसके बाद बीपीएससी टीआरई-1 और टीआरई-2 से नियुक्त 260 शिक्षकों (गंभीर रोग से ग्रस्त) का ट्रान्सफर आवेदनों का निपटारा कर दिया गया है। बता दें कि ई-पोर्टल कोष के माध्यम से राज्यभर के एक लाख, नब्बे हजार से भी अधिक शिक्षकों ने अपने पसंदीदा जिलों में अपने तबादले के लिए आवेदन किया था।