बिहार से जुड़ा है महाराष्ट्र TET पेपर लीक का नेटवर्क! मास्टर माइंड पिछले 25 साल से कर रहा पेपर लीक, जानिए नालंदा-समस्तीपुर कनेक्शन
महाराष्ट्र TET पेपर लीक के प्रारंभिक जांच में समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आया है, जिसे जांच एजेंसियां इस कथित नेटवर्क का प्रमुख संचालक मान रही हैं।
बिहार के पेपर लीक माफियाओं का नेटवर्क राज्य से बाहर तक फैला हुआ है। अब महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले की जांच में बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद जांच एजेंसियां अंतरराज्यीय नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं। महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस की जांच के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर बिहार और दिल्ली से जुड़े एक संगठित गिरोह की भूमिका की जांच की जा रही है। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र पुलिस की एक टीम बिहार में भी जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आया है, जिसे जांच एजेंसियां इस कथित नेटवर्क का प्रमुख संचालक मान रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता लंबे समय से विभिन्न राज्यों में पेपर लीक से जुड़े मामलों में आरोपी रहा है। हालांकि, इस मामले में उसकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
तीन गिरफ्तार
ठाणे पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिहार के आकाश कुमार और राजीव शाह, जबकि हरियाणा के धीरज कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों दिल्ली से विमान के जरिए ठाणे पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की डील की जानी थी। आरोपियों के पास से टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र के चार सेट बरामद किए गए हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन कई राज्यों में फैले एक संगठित सिंडिकेट के जरिए किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसी कड़ी में बिहार में भी लगातार छापेमारी और पूछताछ की जा रही है।
संजीव मुखिया नेटवर्क से भी जोड़े जा रहे तार
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच के दौरान जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इस गिरोह का संबंध 2024 के चर्चित नीट-यूजी पेपर लीक मामले से जुड़े नेटवर्क से है। उस मामले में बिहार के नालंदा निवासी संजीव मुखिया का नाम प्रमुखता से सामने आया था। जांच एजेंसियों का आरोप था कि संजीव मुखिया का नेटवर्क विभिन्न राज्यों में परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने और पेपर लीक कराने वाले संगठित गिरोह के रूप में सक्रिय था। दरअसल, बिजेंद्र करीब 25 सालों से ओडिशा, मध्य प्रदेश और बिहार की परीक्षाओं के पेपर लीक करने के मामलों में आरोपी रहा है। सूत्रों का कहना है की बिजेंद्र और संजीव पुराने परिचित हैं, ऐसे में महाराष्ट्र पेपर लीक मामले बिजेंद्र और संजीव मुखिया के नेटवर्क होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान जांच में कुछ ऐसे नाम सामने आए हैं, जिनका संबंध पहले भी पेपर लीक मामलों से जोड़ा जाता रहा है। हालांकि, महाराष्ट्र टीईटी मामले में संजीव मुखिया या उसके नेटवर्क की प्रत्यक्ष संलिप्तता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां सभी संभावित कड़ियों की जांच कर रही हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।