पटना में "ऑपरेशन सवेरा-3.0" का आगाज: मानव तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ पटना जंक्शन पर बड़ा जागरूकता अभियान

बिहार में मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों के समूल उन्मूलन के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में पटना में "ऑपरेशन सवेरा-3.0" का आगाज किया गया है......

पटना में "ऑपरेशन सवेरा-3.0" का आगाज: मानव तस्करी और बाल श्रम
पटना में "ऑपरेशन सवेरा-3.0" का आगाज- फोटो : अनिल कुमार

Patna : बिहार में मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों के समूल उन्मूलन के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग, C.I.D, बिहार) के कड़े दिशा-निर्देशों और पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कुशल मार्गदर्शन में एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस मुहिम के तहत "ऑपरेशन सवेरा-3.0" के अंतर्गत राजधानी के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि इन गंभीर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।


पटना जंक्शन और महावीर मंदिर के पास चलाया गया सघन जागरूकता कार्यक्रम

इसी कड़ी में शनिवार, 18 जुलाई 2026 को पटना के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन और ऐतिहासिक महावीर मंदिर के आसपास एक वृहद जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को मानव तस्करी के तौर-तरीकों और बाल श्रम के खिलाफ बने कानूनों के प्रति सचेत करना था। पुलिस की इस विशेष टीम को अपने बीच पाकर वहाँ मौजूद लोगों में भी इस विषय को लेकर काफी उत्सुकता देखी गई।


यात्रियों, कुलियों और स्थानीय दुकानदारों को किया गया जागरूक

अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन पर मौजूद विभिन्न राज्यों के यात्रियों, दिन-रात सेवा में जुटे कुलियों (पोर्टर्स) तथा महावीर मंदिर परिसर के आसपास दुकानदारों व आम राहगीरों से सीधा संवाद स्थापित किया। टीम ने उपस्थित लोगों को समझाया कि कैसे वे अपने आस-पास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर सकते हैं और संकट में फंसे बच्चों या वयस्कों की मदद के लिए पुलिस को सूचित कर सकते हैं।


RPF और GRP के साथ बिठाया तालमेल, स्टेशन परिसर में लगाए गए पैम्फलेट

इस विशेष अभियान को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सीआईडी और जिला पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) तथा सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के वरीय पदाधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया है। आपसी सहयोग के तहत, मानव तस्करी और बाल मजदूरी से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा हेल्पलाइन नंबरों से युक्त पैम्फलेट व पोस्टर तैयार किए गए। इन प्रचार सामग्रियों को रेलवे स्टेशन परिसर के सभी प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर प्रदर्शित (डिसप्ले) किया गया है।


संदिग्धों पर रहेगी पैनी नजर, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, "ऑपरेशन सवेरा-3.0" के तहत केवल जागरूकता ही नहीं फैलाई जा रही, बल्कि रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों जैसे परिवहन केंद्रों पर संदिग्ध एजेंटों पर पैनी नजर भी रखी जा रही है। बाल श्रम कराने वाले नियोक्ताओं और मानव तस्करी में संलिप्त अपराधियों को यह कड़ा संदेश दिया गया है कि पकड़े जाने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस राष्ट्रव्यापी समस्या के खात्मे में प्रशासन का बढ़-चढ़कर सहयोग करें।


अनिल की रिपोर्ट