पटना: सरेआम NEET छात्र पर नाबालिग ने किए चाकू से दनादन 6 वार, बहन से बातचीत को लेकर था नाराज, हालत गंभीर
पटना के रामकृष्ण नगर (सोरंगपुर) में एक नाबालिग ने नीट की तैयारी कर रहे मधुबनी के छात्र अभिनव कुमार पर चाकू से ताबड़तोड़ 6 वार कर दिए। पुलिस ने आरोपी को निरुद्ध कर चाकू बरामद कर लिया है।
बिहार की राजधानी पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सोरंगपुर स्थित एडीएम (ADM) कॉलोनी में रविवार की देर शाम एक नाबालिग ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहे छात्र पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने छात्र पर एक के बाद एक लगातार छह बार चाकू से वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। इस घटना के बाद पूरी कॉलोनी में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
मधुबनी का रहने वाला है घायल अभिनव, निजी अस्पताल में चल रहा है इलाज
खून से लथपथ घायल छात्र की पहचान मधुबनी जिले के रहने वाले मनोज कुमार के बेटे अभिनव कुमार के रूप में हुई है। अभिनव पटना में रहकर डॉक्टर बनने का सपना लिए नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। वारदात की सूचना मिलते ही रामकृष्ण नगर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल छात्र को आनन-फानन में पास के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक खून बह जाने के कारण छात्र की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।
बहन से बातचीत करने का था विरोध, डीएसपी ने किया गुस्से की वजह का खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और हमलावर आरोपी नाबालिग को अपनी कस्टडी में ले लिया। घटना के कारणों का खुलासा करते हुए सदर-2 के पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (DSP) रंजन कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। आरोपी के मुताबिक, घायल छात्र अभिनव उसकी बहन से बातचीत करता था, जो उसे बिल्कुल नागवार गुजरता था। इसी बात की खुन्नस और गहरी नाराजगी के चलते उसने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया।
वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद, जुवेनाइल एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है और मौके से अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए हैं। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि यह हमला पहले से रची गई कोई सोची-समझी साजिश थी या मौके पर हुए किसी विवाद का नतीजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के नाबालिग होने के कारण उसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं घायल छात्र के होश में आने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा।
रिपोर्ट - रंजीत कुमार