PatnaElectric Buses:पटना में डीजल-सीएनजी बसों की होगी विदाई, मार्च तक सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी,महिलाओं की सुरक्षा के लिए हाईटेक इंतजाम

पटना में अगले साल मार्च तक डीजल और सीएनजी बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। ..

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पटना में डीजल-सीएनजी बसों की होगी छुट्टी- फोटो : social Media

Patna Electric Buses:राजधानी पटना का सार्वजनिक परिवहन अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। अगले साल मार्च तक शहर की सड़कों से डीजल और सीएनजी बसों का परिचालन पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उनकी जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस एसी इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। परिवहन विभाग ने इसके लिए व्यापक योजना तैयार की है, जिसके तहत शहर के प्रमुख रूटों पर 200 नई इलेक्ट्रिक बसें उतारी जाएंगी।

परिवहन विभाग के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत अगले महीने से होगी। पहले चरण में 25 सीएनजी बसों को हटाकर उनकी जगह नई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। वर्तमान में पटना की सड़कों पर 22 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, लेकिन नई बसों के आने के बाद इनकी संख्या तेजी से बढ़ेगी। बेली रोड, दानापुर, पटना सिटी, फुलवारी-एम्स, दीघा, बिहटा और मनेर समेत शहर के 20 प्रमुख मार्गों पर इन बसों का संचालन किया जाएगा।

पटना से हटाई जाने वाली सीएनजी बसों को बेकार नहीं किया जाएगा। इन्हें आरा, बक्सर, गया, जहानाबाद, नालंदा और बिहारशरीफ जैसे शहरों में भेजा जाएगा, ताकि वहां की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। वहीं, इलेक्ट्रिक बसों के निर्बाध संचालन के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और चार्जिंग प्वाइंट भी तेजी से तैयार किए जा रहे हैं।

नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा के साथ सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक बस में पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। किसी भी आपात स्थिति में यात्री पैनिक बटन दबाकर तुरंत सहायता मांग सकेंगे। बसों की हर गतिविधि पर परिवहन निगम के मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी।

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन पर होने वाला खर्च घटेगा और यात्रियों को पहले से अधिक सुरक्षित, आरामदायक तथा पर्यावरण-अनुकूल सफर का अनुभव मिलेगा।