राबड़ी देवी की नई मुश्किलें, हीरे का कंगन देकर बुरी फंसी, अब EOU, ED और आयकर विभाग करेगी जांच !

नीरज कुमार ने अपने पत्र में मांग की है कि गायक को दिए गए कंगन की वास्तविक कीमत, उसकी खरीद का स्रोत, भुगतान किस माध्यम से किया गया, पूरे मामले की जांच की मांग की है।

राबड़ी देवी कंगन विवाद
राबड़ी देवी कंगन विवाद - फोटो : news4nation

Bihar News : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू यादव के जन्मदिन समारोह के दौरान भोजपुरी गायक को कंगन भेंट किए जाने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। इस मामले में केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियों से जांच कराने की मांग उठी है।  जदयू के विधान पार्षद और मुख्य प्र्वक्ता नीरज कुमार ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU), प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक मंच पर दिए गए इस उपहार को लेकर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।


नीरज कुमार ने अपने पत्र में मांग की है कि गायक को दिए गए कंगन की वास्तविक कीमत, उसकी खरीद का स्रोत, भुगतान किस माध्यम से किया गया, आयकर नियमों का पालन हुआ या नहीं और इसके लिए इस्तेमाल की गई राशि का स्रोत क्या था, इसकी जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि कंगन के मूल्य या उसकी प्रकृति को लेकर भ्रामक जानकारी सार्वजनिक रूप से दी गई है तो उस पहलू की भी जांच होनी चाहिए।


जदयू एमएलसी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों द्वारा दिए जाने वाले महंगे उपहारों को लेकर पारदर्शिता आवश्यक है। ऐसे मामलों में यदि कोई संदेह पैदा होता है तो जांच एजेंसियों को तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।


इस मुद्दे को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच की मांग की है, जबकि राजद की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


दरअसल, हाल ही में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह के दौरान भोजपुरी गायक छोटू छलिया ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी थी। कार्यक्रम के दौरान राबड़ी देवी ने उन्हें एक कंगन उपहार स्वरूप दिया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद कंगन की कीमत और उसकी प्रकृति को लेकर विभिन्न दावे किए जाने लगे। कुछ लोगों ने इसे हीरे का कंगन बताया, जबकि अन्य स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आए। इसी विवाद के बाद अब जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने मामले की जांच की मांग उठाई है।

अभिजीत की रिपोर्ट