Bihar Police: सहरसा में DIG की कार्रवाई, दारोगा सहित 3 पुलिसकर्मी निलंबित, गलत केस में फंसाना पड़ा महंगा
Bihar Police: सहरसा में DIG ने 3 पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी ने दारोगा और 2 चौकीदार को निलंबित कर दिया है। इनपर गलत केस में फंसाने का आरोप लगा है।
Bihar Police: बिहार पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सहरसा जिले में बिहार पुलिस पर गलत केस में फंसाने का आरोप लगा है। इस मामले में डीआईजी ने जांच कर बड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी ने दारोगा सहित दो चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरा मामला सहरसा जिले के कनरिया थाना का है। जहां दर्ज एक मामले में नामों में कथित फेरबदल कर निर्दोष लोगों को फंसाने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की गई है।
दारोगा सहित 3 निलंबित
जांच के बाद डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने एक दारोगा और दो चौकीदारों को निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) अनिल प्रसाद और चौकीदार अनिल कुमार व दर्शन शामिल हैं। तीनों को निलंबित कर पुलिस केंद्र स्थानांतरित कर दिया गया है, साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश भी दिया गया है।
सरस्वती पूजा के दौरान दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के अनुसार, सरस्वती पूजा के मौके पर 26 जनवरी की रात कनरिया थाना क्षेत्र के दह बाजार में बिना अनुमति ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस संबंध में चौकीदार अनिल कुमार के बयान पर 27 जनवरी को 16 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जांच में सामने आई गड़बड़ी
मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी दारोगा अनिल प्रसाद को सौंपी गई थी। आरोप है कि जांच के दौरान दारोगा और चौकीदारों ने नामों में फेरबदल कर कुछ लोगों को गलत तरीके से फंसाने का प्रयास किया। पीड़ित ने इसकी शिकायत डीआईजी के जनता दरबार में की। जिसके बाद मामले की जांच कराई गई। जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमरी बख्तियारपुर मुकेश कुमार ठाकुर द्वारा की गई, जिसमें पुलिसकर्मियों की लापरवाही उजागर हुई।
सख्त कार्रवाई और निर्देश
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी ने संबंधित तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। फिलहाल मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है।